उमेश कुमार सरगुजा/ बतौली तहसील परिसर में शपथ पत्र एवं नोटरी कार्य के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार 10 रुपए के स्टांप पर आम नागरिकों से 300 रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सूत्रों के मुताबिक स्टांप वेंडर रामदयाल गुप्ता एवं उनके पुत्र अमित गुप्ता द्वारा यह खेल लंबे समय से संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि शपथ पत्र बनवाने के नाम पर जरूरतमंद लोगों से मनमाने तरीके से रकम ली जा रही है। वहीं नोटरी कार्य के लिए निर्धारित शुल्क से भी अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जहां नोटरी का कार्य कम शुल्क में होना चाहिए, वहीं लोगों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
*बतौली तहसील में रोजाना अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचने वाले गरीब एवं ग्रामीण नागरिक इस अवैध वसूली से परेशान हैं*
लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें अधिक पैसे देने पड़ते हैं, क्योंकि बिना अतिरिक्त रकम दिए उनका काम नहीं किया जाता।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी शायद तहसील प्रशासन तक नहीं पहुंच पाई है।
बतौली तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को इसकी भनक तक नहीं है, जिसके कारण संबंधित लोगों के हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि तहसील परिसर जैसे सरकारी स्थान पर इस तरह खुलेआम वसूली होना *प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है*
गरीब जनता की जेब पर डाका डालने वालों पर आखिर कार्रवाई कब होगी, यह सवाल अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
*आम जनता के सवाल*
*आखिर 10 रुपए के स्टांप पर 300 रुपए क्यों वसूले जा रहे हैं*
*क्या तहसील प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है*
*गरीब जनता से अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई कब होगी*
*प्रशासन से उठी मांग*
क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बतौली तहसील में चल रही इस अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और तहसील परिसर में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो।


