रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में जशपुर विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति और उनमें हुए सुधार कार्यों को लेकर पूछे गए सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने विस्तृत विवरण पेश किया है। विधायक श्रीमती रायमुनी भगत द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री जी ने पिछले तीन वर्षों में बुनियादी सुविधाओं के लिए स्वीकृत और व्यय की गई राशि का पूरा लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जशपुर के विद्यालयों के पुनरीक्षण के लिए कुल 254.06 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से अब तक 113.53 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। क्षेत्र में स्कूलों के भौतिक विकास के लिए ‘नवीन शाला भवन निर्माण’ हेतु सबसे बड़ी राशि 313.96 लाख रुपये स्वीकृत की गई है, जिस पर वर्तमान में काम जारी है और अब तक 21.10 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में ‘डिजिटल शिक्षा’ के लिए आवंटित शत-प्रतिशत राशि (66.57 लाख रुपये) का उपयोग किया जा चुका है। इसी तरह पुस्तक सामग्री, पेयजल की व्यवस्था और रैम्प एवं हैण्डरेल के निर्माण कार्यों में भी स्वीकृत बजट का पूरा इस्तेमाल किया गया है। कक्षा भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए 175.08 लाख रुपये में से 146.82 लाख रुपये की राशि खर्च कर दी गई है, जिससे स्कूली बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके।
शौचालय निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सरकार ने 167.91 लाख रुपये की स्वीकृति दी थी, जिसमें से 86.82 लाख रुपये खर्च कर बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मंत्री जी ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि जशपुर क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ हों ताकि आदिवासी क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा न आए।

