रायपुर। हौसले बुलंद हों तो हर रुकावट छोटी पड़ जाती है, इसे सच कर दिखाया है राजधानी रायपुर के त्रिमूर्ति नगर निवासी 19 वर्षीय रितेश पाल ने। रितेश ने देश के प्रतिष्ठित डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत पर उन्हें 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक चमचमाती कार मिली है। कभी इसी शो के ऑडिशन में रिजेक्ट होने वाले रितेश का विनर बनने तक का सफर बेहद संघर्ष और जज्बे से भरा रहा है।
रिजेक्शन से चैंपियन बनने का सफर: फ्रैक्चर हाथ के बावजूद नहीं हारी हिम्मत
रितेश वर्ष 2022 में ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ के मंच पर अपनी किस्मत आजमाने गए थे, लेकिन उस समय उन्हें निराशा हाथ लगी और वे बाहर हो गए। इस असफलता के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय दोगुने जुनून के साथ वापसी की तैयारी की। उनके डांस गुरु मनीष चंदानी ने उन्हें प्रतिदिन 12-12 घंटे तक कड़ा अभ्यास कराया। सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान रितेश का हाथ फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन दर्द और चोट के बावजूद उनके कदम नहीं थमे और उन्होंने अपनी लगन के दम पर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
‘मां के लिए खरीदूंगा घर, अब उन्हें काम करने नहीं दूंगा’
ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनकी मां लक्ष्मी पाल को जाता है। उन्होंने कहा, “मैं पुरस्कार राशि से सबसे पहले अपनी मां के लिए एक अच्छा घर खरीदूंगा और उन्हें बाहर जाकर काम करने से मना करूंगा।” इसके साथ ही उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर देश का नाम रोशन करना है।
12 साल की उम्र में डांस सीखने पहुंचे थे, गुरु ने मुफ्त में तराशा हुनर
देवेंद्र नगर में डांस स्टूडियो चलाने वाले रितेश के डांस गुरु मनीष चंदानी ने बताया कि रितेश जब महज 12 साल का था, तब उनके पास आया था। उस समय परिवार वालों को लगता था कि डांस में करियर नहीं बन पाएगा और वे कहते थे कि ‘इससे कुछ नहीं हो पाएगा।’ परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी और रितेश के पास फीस देने के पैसे तक नहीं थे।
मनीष चंदानी ने बताया, “मैंने उस छोटे से बच्चे की आंखों में डांस का अद्भुत टैलेंट और गजब की भूख देखी थी। उसी दिन मैंने संकल्प लिया था कि इस बच्चे के हुनर को दुनिया के सामने लाकर रहूंगा।” गुरु का यह अटूट विश्वास और शिष्य की दिन-रात की मेहनत आखिरकार रंग लाई और रितेश पाल ने पूरे प्रदेश का नाम देशभर में रोशन कर दिया।

