प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय बोले – “यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है।”
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर 15 जुलाई 2026 को रायपुर के तूता मैदान में आयोजित होने वाले विधानसभा घेराव एवं विशाल आंदोलन को सर्व शिक्षक संघ ने अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से संगठनात्मक मतभेदों से ऊपर उठकर इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक वर्षों से वेतन विसंगति, सेवा गणना, पदोन्नति, पेंशन, टीईटी, वीएसके (VSK) सहित अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन इनका स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया है। अब समय आ गया है कि पूरा शिक्षक समाज एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करे।
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उन्होंने कहा—“सर्व शिक्षक संघ का स्पष्ट मानना है कि शिक्षक का सम्मान और अधिकार सुरक्षित होगा, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। 15 जुलाई का आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के आत्मसम्मान और न्याय की लड़ाई है। हम सभी शिक्षकों से आग्रह करते हैं कि व्यक्तिगत और संगठनात्मक भेदभाव को भुलाकर एक मंच पर आएं और अपनी एकता की शक्ति का परिचय दें। सरकार को शिक्षकों की वर्षों पुरानी जायज मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।”
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प्रदेश प्रवक्ता सर्व शिक्षक संघ मोहम्मद यासीर इरफ़ान ने कहा कि “प्रदेश के लाखों शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी समस्याएं अनसुलझी हैं। यदि शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होगा तो इसका सीधा प्रभाव शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को आंदोलन की भावना को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति का समाधान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, टीईटी संबंधी व्यावहारिक समाधान, वीएसके ऐप की तकनीकी समस्याओं का निराकरण तथा अन्य शिक्षक हितैषी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
सर्व शिक्षक संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि 15 जुलाई 2026, बुधवार को रायपुर के तूता मैदान में आयोजित विधानसभा घेराव आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिक्षक एकता का परिचय दें तथा अपने अधिकारों की लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत बनाएं।
सर्व शिक्षक संघ के सचिव विनय मौर्य ने कहा कि “शिक्षक एकता ही शिक्षकों कि सबसे बड़ी ताकत है।” और संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से कहा कि आंदोलन शिक्षक हित मे हैं तो सभी साथी आंदोलन मे शामिल होकर आवाज़ बुलंद करें।
सर्व शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों और जिला टीम से प्रकाश स्वर्णकार, ज्योति चंद्रवंशी, महेश पाण्डेय, कीर्ति लहरे, महेंद्र चंद्राकर,अभय पाण्डेय, बालेश्वर रजवाड़े, शंकर राठौर, आशीष पाण्डेय, समोद दुबे, सीमा देवांगन, अभिषेक शर्मा,अजय पाण्डेय लोकनाथ सेन, , बद्रीका भोई, ओमप्रकाश साहू, सिद्धार्थ चतवारे, आभाष श्रीवास, नेपाल साहू, लिंगराज चौधरी, गोपाल विश्वकर्मा, डैनी वर्मा, जितेंद्र काठले, अमित जैन, अमित खरे, दीपक सोनी, आशीष थावरे , प्रकाश महापात्र, अजय देवांगन, आर पी सिंह, ठाकुर मनमोहन सिंह, महेंद्र बहादुर विपिन गहवई, विपिन ओझा, यशवंत साहू अरुण साहू , भूपेंद्र देवांगन , दीपमाला साहू, देवेंद्र सोनी, गुलमोहन वर्मा, हेमंत भुआर्य जीतेन्द्र साहू,ज्योति राज पाण्डेय, कमलेश घृतलहरे, लम्बोदर ठाकुर, लोकेश बंदे, मनोज गावरे, नम्रता राजपूत, नयन केशरी, ओमन मारकंडे, ओमप्रकाश दामले,प्रणिता शर्मा, पुरनेन्द्र तिवारी राजेंद्र शर्मा, रुपधर पटेल,तामेश गजेंद्र, विजय सिंह, विकास सिन्हा समेत सारे प्रांतीय पदाधिकारियों और जिलाध्यक्ष ने अपने संगठन के फैसले मे सहमति दी और एकजुट होकर शिक्षक के हक़ मे आवाज़ उठाकर शिक्षक एकता की मिसाल देने की बात कही।

