केंद्र सरकार ने गांवों में रहने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने और उनके बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए एक नया मोबाइल ऐप ‘शी-लीप्स’ लॉन्च किया है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान इस विशेष प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाले छोटे-बड़े बिजनेस को एक नई पहचान देना है। इस आधुनिक ऐप को डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन ने तैयार किया है, जो गांवों में काम करने वाले अलग-अलग महिला संगठनों के कामकाज, पैसों के लेन-देन और उनके बिजनेस रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल करने का काम करेगा।
यह ऐप सिर्फ खेती-किसानी से जुड़े कामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों में चलने वाले हर तरह के छोटे-बड़े व्यापार को पूरा सपोर्ट देगा। इसके जरिए महिलाओं द्वारा बनाए गए सामानों को सीधे बड़े और मुख्य बाजारों से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें अपने उत्पादों का सही और बेहतर दाम मिल सके। यह प्लेटफॉर्म देश के चौंतीस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है, जहां यह स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हर महिला उद्यमी की कमाई और उनके काम के प्रदर्शन पर सीधे नजर रखेगा, जिससे आगे की सरकारी योजनाएं बनाने में काफी मदद मिलेगी।
सबसे खास बात यह है कि यह नया डिजिटल सिस्टम सरकार के महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ मिशन को एक बहुत बड़ी रफ्तार देने वाला है। सरकार ने अब देश में लखपति दीदी बनाने का अपना लक्ष्य तीन करोड़ महिलाओं से बढ़ाकर सीधे छह करोड़ महिलाएं कर दिया है, यानी वैसी ग्रामीण महिलाएं जिनकी सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये हो। महिला सशक्तिकरण के इस विशाल संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में दस लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है, और इस पूरे सफर में शी-लीप्स ऐप महिलाओं की प्रगति को ट्रैक करने का एक मुख्य जरिया बनेगा। कुल मिलाकर, यह कदम ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

