आज की कॉर्पोरेट और वर्क-फ्रॉम-होम लाइफस्टाइल की बड़ी समस्या बन चुका है। कई लोग सुबह जिम या वॉक तो करते हैं, लेकिन दिन के 8 से 10 घंटे लगातार बैठे रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, केवल 45 से 60 मिनट की एक्सरसाइज पूरे दिन की निष्क्रिय जीवनशैली की भरपाई नहीं कर सकती। ऐसे में कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
लंबे समय तक बैठना क्यों है खतरनाक?
PLOS Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक लगातार बैठे रहने वाले लोगों में कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम अधिक पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर ऊर्जा कम खर्च करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इसका असर शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता और ग्लूकोज के उपयोग पर भी पड़ता है।
मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन रेजिस्टेंस पर पड़ता है असर
लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां कम सक्रिय रहती हैं, जिससे कैलोरी की खपत घट जाती है। धीरे-धीरे शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है। ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए शरीर को अधिक इंसुलिन बनानी पड़ती है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
क्रोनिक सूजन भी बन सकती है बड़ी वजह
विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में लो-ग्रेड क्रोनिक इन्फ्लेमेशन विकसित हो सकती है। यह सूजन बाहर से दिखाई नहीं देती, लेकिन धीरे-धीरे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। हार्मोनल असंतुलन, मोटापा और लगातार बनी रहने वाली सूजन कई गंभीर बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकती है।
जोखिम कम करने के आसान उपाय
पूरे दिन शरीर को सक्रिय रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए छोटी-छोटी आदतें भी बड़ा फर्क ला सकती हैं।
- हर 30-45 मिनट में कुर्सी से उठकर 2-5 मिनट टहलें।
- रोज कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम करें।
- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- फोन पर बात करते समय चलते रहें।
- स्क्रीन टाइम कम करें और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।
- संतुलित आहार लें, वजन नियंत्रित रखें और पर्याप्त नींद लें।
स्वस्थ रहने के लिए केवल जिम जाना ही पर्याप्त नहीं है। पूरे दिन शरीर को समय-समय पर सक्रिय रखना भी उतना ही जरूरी है। छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने, इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और कैंसर, डायबिटीज समेत कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

