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नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के अनुभव को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक राष्ट्रव्यापी क्रांति की शुरुआत की है। देश भर के टोल प्लाज़ा पर अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सार्वजनिक शौचालय सुविधाएँ विकसित करने के लिए एक नवाचारी ‘प्रदर्शन-आधारित अनुबंध फ़्रेमवर्क’ (Performance-Based Contract Framework) लागू किया जा रहा है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च स्तर की साफ़-सफ़ाई, निरंतर कार्यक्षमता और दीर्घकालिक रखरखाव के कठोर मानकों को सुनिश्चित करना है।
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आधुनिक बुनियादी ढांचा और स्वदेशी ग्रीन डिज़ाइन
इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तहत एनएचएआई मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का कायाकल्प (नवीनीकरण) करने के साथ-साथ अत्याधुनिक नई सुविधाओं का निर्माण भी करेगा।
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टिकाऊ व ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर: इन परिसरों के निर्माण में स्वदेशी रूप से विकसित ऐसे डिज़ाइनों को अपनाया जाएगा, जो मज़बूत संरचना के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल (Green Building) मानकों पर खरे उतरते हैं।
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समान गुणवत्ता मानक: पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर एक समान उच्च गुणवत्ता वाली, साफ़ और सुरक्षित सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
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IoT और डिजिटल तकनीक से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
पारंपरिक रखरखाव मॉडल से आगे बढ़ते हुए एनएचएआई ने तकनीक-आधारित परिचालन प्रक्रिया अपनाई है।
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लाइव टेलीमेट्री सिस्टम: शौचालय परिसरों की स्थिति, पानी की उपलब्धता और स्वच्छता मानकों पर नज़र रखने के लिए इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) आधारित लाइव टेलीमेट्री सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।
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समयबद्ध रखरखाव: रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग से किसी भी समस्या का तुरंत पता लगाकर उसका समय पर निवारण (Predictive Maintenance) संभव हो सकेगा।
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जवाबदेही और ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप से फीडबैक-आधारित भुगतान
निजी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए एनएचएआई ने एक कड़ा और पारदर्शी वित्तीय ढांचा तैयार किया है:
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परफॉर्मेंस-लिंक्ड पेमेंट: मेंटेनेंस एजेंसियों का भुगतान उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर ही तय होगा।
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ऑटोमेटेड SLA व स्वतंत्र ऑडिट: स्वचालित सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA) और समय-समय पर तीसरे पक्ष (इंडिपेंडेंट ऑडिट) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।
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यात्रियों की सीधी भागीदारी: एनएचएआई के ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के ज़रिए यात्रियों द्वारा दिए गए प्रामाणिक (Verified) फीडबैक को सर्विस रेटिंग और भुगतान का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
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समावेशी विकास: महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
समावेशी और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के कड़े प्रावधानों को लागू किया गया है:
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बाधा-मुक्त पहुँच: सभी नई सुविधाओं को दिव्यांगजनों के अनुकूल (Barrier-Free Access) बनाया जाएगा।
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महिला यात्रियों की सुरक्षा और निजता: महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान, बेहतर निजता (Privacy), आधुनिक सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ पेयजल की प्राथमिकता के साथ विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
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हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर
डिजिटल मॉनिटरिंग, नतीजे-आधारित मेंटेनेंस और आधुनिक सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के समावेश से एनएचएआई का यह कदम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों पर जन-सुविधाओं का एक नया अंतर्राष्ट्रीय मानदंड स्थापित करने जा रहा है।

