छत्तीसगढ़ विधानसभा  बजट सत्र  में कल 24 फरवरी को कई विभाग के सवालों से गूँजेगा सदन

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के बीच अब कुदरत का दोहरा प्रहार शुरू हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) ने पूरे प्रदेश की आबोहवा बदल दी है। उत्तर से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक बादलों की घनी चादर बिछी हुई है, जिससे सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। इस मौसमी बदलाव का सबसे रौद्र रूप सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले में देखने को मिला, जहाँ सोमवार दोपहर अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने पूरे इलाके का नक्शा ही बदल दिया।

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वाड्रफनगर में ‘बर्फ की चादर’ और तबाही का मंजर

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में मौसम ने ऐसी करवट ली कि लोग हैरान रह गए। दोपहर के बाद अचानक आसमान काला पड़ गया और देखते ही देखते करीब 15 से 20 मिनट तक मूसलाधार ओलों की बारिश हुई। आलम यह था कि कुछ ही देर में सड़कें, मकानों की छतें और लहलहाते खेत सफेद चादर से ढंक गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसा नजारा वर्षों बाद देखा गया है, लेकिन यह खूबसूरती अपने साथ किसानों के लिए बर्बादी भी लाई है।

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किसानी पर मंडराया संकट

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी गेहूं, राई और सरसों की फसलें ओलों की मार से जमीन पर बिछ गई हैं। साथ ही, मौसमी सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर अगले दो दिनों तक यही स्थिति रही, तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।

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राजधानी रायपुर और दुर्ग में बदली का डेरा

मध्य छत्तीसगढ़ की बात करें, तो रायपुर, दुर्ग और भिलाई समेत आसपास के जिलों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी ने सिहरन बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिक बी.के. चिंधालोरे के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, अगले सात दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन नमी के कारण वातावरण में ठंडक बरकरार रहेगी।

स्वास्थ्य पर खतरा और सरकारी एडवाइजरी

मौसम के इस अचानक उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रेड अलर्ट जैसा रुख अपनाया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान में आई यह अस्थिरता हाइपोथर्मिया, तीव्र सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर को न्योता दे रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बाहर निकलते समय सिर और कान को गर्म कपड़ों से ढंक कर रखें।

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मौसम विभाग ने कुछ चिन्हित क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित इमारतों में शरण लें और बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।

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