प्रदेश के सरकारी विभागों में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट सामने आया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती नियमों में अमूल-चूल परिवर्तन करते हुए 38 विभिन्न सरकारी पदों के लिए नई शैक्षणिक योग्यताएं तय कर दी हैं। शासन द्वारा जारी इस नए आदेश के बाद अब कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-3 और स्टेनो टाइपिस्ट जैसे सभी लिपिकीय पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवार का सामान्य स्नातक (ग्रेजुएशन) होना अनिवार्य होगा, जिसके साथ कंप्यूटर डिप्लोमा और टाइपिंग स्पीड की शर्त भी जुड़ी रहेगी। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए वर्ष 2008, 2013, 2022 और दिसंबर 2025 के पुराने सभी योग्यता संबंधी नियमों को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई प्रशासनिक विभाग अपने स्तर पर भर्ती नियमों में बदलाव नहीं भी करता है, तो भी यह नई योग्यताएं वहां स्वतः लागू मानी जाएंगी।

इस नए नियम के तहत सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव चतुर्थ श्रेणी के पदों में देखने को मिला है। शासकीय कामकाज के तेजी से होते डिजिटलाइजेशन और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए अब भृत्य, चौकीदार, स्वीपर, माली और प्रोग्रेसर जैसे पदों के लिए पुरानी न्यूनतम योग्यता (5वीं, 8वीं या 10वीं पास) को खत्म कर दिया गया है और इसकी जगह अब न्यूनतम योग्यता 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण तय की गई है। इसके अलावा लिपिकीय और कंप्यूटर से जुड़े पदों के लिए भी कड़े मापदंड तय किए गए हैं, जिसमें डाटा एंट्री व कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए स्नातक के साथ एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति आवश्यक होगी। वहीं सहायक ग्रेड-3 व स्टेनो टाइपिस्ट के लिए स्नातक, कंप्यूटर डिप्लोमा और 5,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति अनिवार्य की गई है, जबकि शीघ्रलेखक के पद के लिए स्नातक के साथ-साथ शीघ्रलेखन प्रमाण पत्र और कंप्यूटर डिप्लोमा दोनों जरूरी होंगे।
मैदानी और तकनीकी पदों पर नजर डालें तो वाहन चालक (ड्राइवर) के पद के लिए अब 12वीं पास होने के साथ-साथ स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रम निरीक्षक, उप निरीक्षक, मंडी निरीक्षक और पर्यवेक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री को बेस क्वालिफिकेशन यानी आधारभूत योग्यता माना गया है।
इस व्यवस्था को लागू करने के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों (एसीएस), प्रमुख सचिवों और सचिवों को पत्र लिखकर अपनी कड़ी नाराजगी भी व्यक्त की है। दरअसल, विभागों से उनके यहाँ की शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी मांगी गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 25 मई बीत जाने के बाद भी कई विभागों ने विवरण नहीं भेजा था। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जीएडी ने अब पूरी तरह साफ कर दिया है कि 24 मार्च को जारी किए गए पूर्व पत्र के आधार पर सभी समान पदों के लिए एक समान योग्यता की सहमति मान ली गई है और इन नए नियमों को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।
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