रायपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता ने देशभर के शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा दिया है, जिसके विरोध में अब छत्तीसगढ़ के शिक्षक भी बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की बैठक के बाद अब प्रदेश स्तर पर रणनीति बनाने के लिए आगामी 15 मार्च को राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
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शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी संघ के कार्यालय में रविवार दोपहर 12 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रदेश के 80 हजार और देश भर के 20 लाख से अधिक प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को बचाने पर चर्चा होगी।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविन्द्र राठौर और जाकेश साहू ने संयुक्त रूप से अपील की है कि प्रदेश के समस्त शैक्षिक संगठनों के प्रांताध्यक्ष, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी और विशेष रूप से टीईटी पीड़ित शिक्षक इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता से हजारों शिक्षकों का करियर संकट में है, इसलिए एकजुट होकर आंदोलन की भावी रूपरेखा तय करना समय की मांग है। इस बैठक के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने और शिक्षक हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
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