”अभी भी बरकरार है देसी रंगीन और रसीली शहतूत की धाक: जंगलों से निकलकर हाट-बाज़ारों तक का सफर”
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वाहनों के ऑनलाइन चालान और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। खल्लारी विधायक श्री द्वारिकाधीश यादव के एक प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्वीकार किया कि प्रदेश के अनेक स्थानों पर प्रदूषण, फिटनेस, बीमा और लाइसेंस जैसे सभी दस्तावेज दुरुस्त होने के बावजूद वाहन चालकों को ऑनलाइन चालान और रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई न देने और अन्य तकनीकी कारणों से सिस्टम द्वारा चालान जारी हो रहे हैं। इस मुद्दे पर विभाग का कहना है कि वे इन तकनीकी अड़चनों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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वहीं, विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी वसूली की शिकायतों को रोकने के लिए शासन द्वारा तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एएनपीआर कैमरे, ई-चेक पोस्ट, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और वे-ब्रिज (वजन कांटे) स्थापित किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन आधुनिक मशीनों और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे चालान की प्रक्रिया में सुधार आएगा और अवैध वसूली पर लगाम लगेगी।

