रायपुर में बोले अमित शाह— ‘डबल इंजन’ सरकार में विकास का पर्याय बना छत्तीसगढ़, लाल आतंक का होगा जड़ से सफाया

कवर्धा | विशेष रिपोर्ट

कहते हैं कि नाम में क्या रखा है? लेकिन कवर्धा जिले के एक छोटे से गाँव से पूछिए, जिसके लिए एक ‘नाम’ दशकों तक सामाजिक दंश और मानसिक पीड़ा का कारण बना रहा। वर्षों तक एक असहज और विवादास्पद नाम का बोझ ढो रहे इस गाँव के लिए आज की सुबह एक नई दीवाली लेकर आई है। राज्य शासन द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह गाँव अब आधिकारिक रूप से ‘चंदनपुर’ कहलाएगा।

परीक्षा पे चर्चा 2026: सुबह 10 बजे लाइव प्रसारित किया जाएगा दूसरा सत्र

सामाजिक ताने-बानों से मिली आजादी

यह केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि उस हीन भावना से मुक्ति है जिसने यहाँ की कई पीढ़ियों के आत्मविश्वास को कुचला था। गाँव के युवाओं के लिए बाहर जाकर अपने गाँव का नाम बताना किसी चुनौती से कम नहीं था। इंटरव्यू बोर्ड हो या दोस्तों की महफिल, गाँव का पुराना नाम आते ही अक्सर मजाक और तानों का सिलसिला शुरू हो जाता था।

आज जब गाँव की गलियों में ढोल-नगाड़े बज रहे हैं, तो वह शोर केवल जश्न का नहीं, बल्कि उस दबे हुए आत्मसम्मान की गूंज है जो वर्षों बाद खुलकर बाहर आई है।

वर्टिकल स्प्रिंग’, एक जिला, दो दुनिया :कहीं आम,महुआ और सरई की गंध, तो कहीं कोहरे का पहरा ! जानिए क्यों थम जाती है वसंत की रफ्तार………

चंदनपुर: पवित्रता और नई सोच का प्रतीक

गाँव वालों ने सामूहिक रूप से ‘चंदनपुर’ नाम चुना, जो न केवल सुनने में सुखद है, बल्कि भारतीय संस्कृति में पवित्रता और सुगंध का प्रतीक भी है। ग्रामीणों का कहना है कि ‘चंदन’ की तरह अब उनके गाँव की ख्याति भी चारों ओर सकारात्मक रूप से फैलेगी।

मोहब्बत का ‘देसी वर्जन’: जहाँ सादगी ही सबसे बड़ा श्रृंगार और सरई ही सबसे बड़ा उपहार है

सामूहिक इच्छाशक्ति की जीत

यह बदलाव रातों-रात नहीं आया। इसके पीछे ग्रामीणों का लंबा संघर्ष और अपनी गरिमा को वापस पाने की अटूट जिद्द थी। इस मांग को सही मंच तक पहुँचाने और शासन स्तर पर मुहर लगवाने में क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री विजय शर्मा की भूमिका को ग्रामीण ‘मसीहा’ की तरह देख रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह फैसला साबित करता है कि संवेदशील सरकार के लिए जनता की भावनाएं और उनकी सामाजिक गरिमा सर्वोपरि है।

बस्तर में 1.61 करोड़ के इनामी 51 माओवादियों ने छोड़ी हिंसा की राह

बदलाव का असर: अब गर्व से ऊँचा होगा सिर

अब स्कूल जाने वाले बच्चों को किसी के सामने झिझकना नहीं पड़ेगा, न ही युवाओं को अपना पता बताने में संकोच होगा। हर घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। गाँव के बुजुर्ग इसे अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा उपहार मान रहे हैं।अब ग्रामीण इस नए नाम के साथ गाँव को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प ले रहे हैं।

चंदनपुर की यह कहानी छत्तीसगढ़ के सामाजिक इतिहास में एक मिसाल बनेगी। यह संदेश है कि यदि समाज और सरकार साथ मिल जाएं, तो किसी भी पुराने घाव को भरकर सम्मान की एक नई इबारत लिखी जा सकती है।

UIDAI की बड़ी उपलब्धि: 5 महीने में 1 करोड़ स्कूली बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पूरा

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version