कुशीनगर के परसा गांव में सोमवार को हुए हृदयविदारक दोहरे हत्याकांड ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक कलयुगी बेटे सिकंदर की हैवानियत ऐसी थी कि उसने पत्थर से कूंचकर अपनी मां रूना देवी और पत्नी प्रियंका को मौत के घाट उतार दिया। बुधवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अंतिम संस्कार के दृश्यों ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रूरता का खुलासा
डॉक्टरों की टीम उस समय दंग रह गई जब पोस्टमार्टम के दौरान आरोपी की बर्बरता सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, सिकंदर ने अपनी पत्नी से भी ज्यादा बेरहमी अपनी मां के साथ की थी। उसने मां के चेहरे और सिर पर इतने वार किए कि खोपड़ी की हड्डियां पूरी तरह टूट चुकी थीं और मांस के चिथड़े उड़ गए थे। हैवानियत का आलम यह था कि मां की खोपड़ी में मात्र 100 ग्राम मांस ही बचा था। पत्नी प्रियंका के चेहरे पर भी गंभीर प्रहार किए गए थे, जिससे उसकी भी तत्काल मौत हो गई।
एक ही चिता पर जलीं सास-बहू
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद मां और पत्नी के शवों को गांव नहीं ले जाया गया। बेटियों और परिजनों के करुण क्रंदन को देखते हुए शवों को सीधे हेतिमपुर घाट ले जाया गया। वहां एक ही चिता पर सास और बहू का अंतिम संस्कार किया गया। जिस मां ने बेटे के लिए दर-दर मन्नतें मांगी थीं, उसी बेटे के हाथों हुई ऐसी मौत को देख घाट पर मौजूद हर आंख नम थी।
“खूनी भाई का नाम मत लो”
घटना के बाद से सिकंदर के घर पर ताला लटका है। उसकी पांचों बहनें सदमे में हैं और पड़ोसियों के घर शरण लिए हुए हैं। जब गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने पहुँचीं, तो भाई का नाम सुनते ही एक बहन चीख पड़ी। उसने रुंधे गले से कहा, “उस खूनी भाई का नाम मत लो, उसके चेहरे और नाम दोनों से नफरत हो गई है।”
गांव में मातम और दहशत
परसा गांव में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और लोग अपने घरों में दुबके रहे। ग्रामीण इस बात से डरे हुए हैं कि जो व्यक्ति अपनी मां और पत्नी का नहीं हुआ, वह किसी का क्या होगा। आरोपी सिकंदर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

