नई दिल्ली: भारत के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है क्योंकि देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना का पहला चरण आज यानी 1 अप्रैल से आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।
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यह अभियान न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय अभ्यास है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका पूरी तरह से डिजिटल होना है। केंद्र सरकार द्वारा 11,718.24 करोड़ रुपये के विशाल बजट के साथ शुरू की गई इस जनगणना ने पारंपरिक कागजी फॉर्मों को पूरी तरह विदाई दे दी है, जिससे अब डेटा संग्रह की प्रक्रिया न केवल तेज होगी बल्कि इसमें पारदर्शिता और सटीकता का एक नया मानक स्थापित होगा।
इस बार की जनगणना में ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ यानी स्व-गणना का विकल्प नागरिकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। इसके माध्यम से देश का आम नागरिक अब घर बैठे डिजिटल पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेगा, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए इसे दो चरणों में बांटा गया है।
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पहले चरण में भवन सूचीकरण और आवास जनगणना का कार्य किया जा रहा है, जो अगले छह महीनों तक चलेगा। इसके बाद, फरवरी 2027 में मुख्य जनसंख्या गणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें पहली बार सीसीपीए के निर्णयानुसार जातिगत डेटा भी जुटाया जाएगा।
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तकनीकी सुगमता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनगणना के लिए विशेष मोबाइल ऐप और पोर्टल तैयार किए हैं जो हिंदी और अंग्रेजी सहित देश की 16 प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध हैं। गणनाकर्ता अब हाथों में फाइलों के बजाय स्मार्टफोन लेकर घर-घर पहुंचेंगे और मौके पर ही डिजिटल डेटा फीड करेंगे। भौगोलिक विविधताओं को देखते हुए देश के अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है। जहां दिल्ली, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में अभियान की सक्रियता आज से ही दिखाई देगी, वहीं मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में इसकी मुख्य गतिविधियां मई के महीने में शुरू होंगी।
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पहाड़ी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि विषम परिस्थितियों में भी कोई भी नागरिक गणना से छूट न जाए। इस डिजिटल जनगणना का मुख्य उद्देश्य केवल जनसंख्या के आंकड़े जुटाना नहीं है, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए एक ऐसा सटीक डेटाबेस तैयार करना है जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में आधारशिला का काम करेगा।
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