”छतीसगढ़ में हाथी 1% और मौत 15%?: विधानसभा में पूर्व CM बघेल के सवाल पर वन मंत्री ने दी सफाई”
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान जशपुर, अंबिकापुर और रायगढ़ जिलों में परिवहन विभाग के उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) द्वारा की गई जाँच और राजस्व वसूली का मामला चर्चा में रहा। विधायक श्रीमती गोमती साय ने प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप से पिछले तीन वर्षों की जिलावार और वर्षवार कार्यवाहियों का पूरा ब्यौरा मांगा था।
उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इन तीन वर्षों के दौरान कितने वाहनों पर चालानी या दंडात्मक कार्रवाई की गई और उससे शासन को कुल कितना राजस्व प्राप्त हुआ।
विधायक द्वारा पूछे गए इस महत्वपूर्ण प्रश्न में विभागीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने पूछा था कि क्या इस अवधि में उड़नदस्ता दल द्वारा जाँच के नाम पर वाहन चालकों या परिवहन संचालकों से अवैध वसूली की कोई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और यदि ऐसी शिकायतें मिली हैं, तो किन अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
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इन सवालों का लिखित उत्तर देते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि जाँच और राजस्व वसूली से संबंधित विस्तृत जानकारी संलग्न प्रपत्रों के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। अवैध वसूली के आरोपों पर सरकार की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि विभाग को ऐसी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
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उन्होंने सदन को सूचित किया कि चूंकि कोई शिकायत ही नहीं मिली, इसलिए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जाँच या कार्रवाई का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। इस जवाब के साथ ही सरकार ने परिवहन विभाग के उड़नदस्ते की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी बताया है।

