रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेसा (PESA) समन्वयकों की नियुक्ति को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सदन में बताया कि प्रदेश में पेसा राज्य, जिला, विकासखंड समन्वयकों और मोबिलाइजरों की कोई नियमित भर्ती नहीं की गई है। इसके बजाय, इन पदों के लिए ‘आउटसोर्सिंग’ के माध्यम से सेवाएं ली जा रही हैं।
विधायक सावित्री मनोज मंडावी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सरकार ने जानकारी दी कि इन समन्वयकों का मुख्य दायित्व छत्तीसगढ़ पेसा नियम-2022 के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करना है। ये कर्मचारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन कार्य करते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने मानदेय भुगतान के बारे में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित वार्षिक कार्ययोजना में इनके भुगतान का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इन पदों पर कार्यरत लोगों की सूची ‘प्रपत्र’ के माध्यम से सदन के पटल पर रखी है, जिसमें विभाग के अंतर्गत काम कर रहे बाहरी कर्मचारियों का पूरा विवरण दिया गया है।

