रायपुर: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों से होने वाले पलायन को लेकर विधानसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। विधायक देवेन्द्र यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे पलायन और इसकी निगरानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि ग्रामीणों के पलायन की देखरेख या निगरानी के लिए शासन द्वारा कोई विशेष सक्षम अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है।
सदन में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से फरवरी 2026 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से ग्रामीणों के पलायन की जांच और निगरानी के लिए किसी जिम्मेदार अधिकारी या विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो सरकार ने स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई अलग से सक्षम अधिकारी नियुक्त नहीं है।
। यह मुद्दा प्रदेश के ग्रामीण विकास और रोजगार की स्थिति को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ सकता है, क्योंकि पलायन की समस्या की सटीक निगरानी के लिए कोई आधिकारिक तंत्र फिलहाल मौजूद नहीं है।

