रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने उच्च स्तरीय बैठक कर खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वितरण व्यवस्था की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की जमाखोरी रोकने के लिए 13 मार्च को राज्य स्तरीय नियंत्रण एवं मॉनिटरिंग समिति का भी गठन कर दिया गया है।
कालाबाजारी पर कड़ा एक्शन: 741 सिलेंडर जब्त
राज्य सरकार ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने अब तक 102 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर कुल 741 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में राजधानी रायपुर सबसे आगे है, जहाँ सर्वाधिक 392 सिलेंडर पकड़े गए हैं, जबकि बिलासपुर में 130 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। शासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईंधन की जमाखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बॉटलिंग प्लांट्स में पूर्ण क्षमता से हो रहा काम
प्रदेश में संचालित इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कुल 5 बॉटलिंग प्लांट अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। यहाँ से राज्य के सभी 540 एलपीजी वितरकों को नियमित रूप से रिफिल सिलेंडर भेजे जा रहे हैं। साथ ही, प्रदेश के 2,465 पेट्रोल पंपों के माध्यम से जनता को पेट्रोल-डीजल की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार ने भी छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लिए 48,240 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है, जिससे ईंधन की उपलब्धता और मजबूत होगी।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह और बुकिंग नियम
ऑयल कंपनियों ने सुगम वितरण के लिए नियम निर्धारित किया है कि उपभोक्ता अपनी पिछली बुकिंग के 25 दिन बाद ही अगली रिफिल बुक करा सकेंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बार-बार बुकिंग करने का प्रयास न करें और निर्धारित नंबरों पर ही ऑनलाइन बुकिंग कराएं। साथ ही, दैनिक बाजार भाव स्थिर होने की जानकारी देते हुए सरकार ने जनता से आग्रह किया है कि वे ईंधन की कमी को लेकर फैलने वाली किसी भी अफवाह या दुष्प्रचार पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
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शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी
ईंधन वितरण या आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नागरिक सीधे शासन से संपर्क कर सकते हैं। खाद्य विभाग ने कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 जारी किए हैं, जहाँ दर्ज शिकायतों का तत्काल निराकरण ऑयल कंपनियों और राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
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