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**पैकू, जशपुर।**

**”शिक्षा तुंहर पारा”** अभियान के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पैकू के **नवाचारी शिक्षक श्री अनिल कुमार कश्यप** द्वारा ग्राम पैकू के **अटक चौक स्थित बैठक मंच** पर एक अनूठी **खुली पाठशाला** का आयोजन किया गया। इस नवाचार का उद्देश्य शिक्षा को विद्यालय की चारदीवारी से बाहर निकालकर गांव के प्रत्येक पारा और चौक तक पहुँचाना तथा ग्रामीणों एवं अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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कार्यक्रम के दौरान कक्षा **तीसरी, चौथी एवं पांचवीं** के विद्यार्थियों के लिए लगभग **दो घंटे का गतिविधि आधारित शिक्षण सत्र** आयोजित किया गया। बच्चों ने गणित, हिन्दी एवं पर्यावरण विषयों को खेल-खेल में सीखा। साथ ही विद्यार्थियों ने वायरलेस माइक के माध्यम से कविता, कहानी, प्रश्नों के उत्तर तथा अपने विचार आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किए, जिससे उनके संवाद कौशल और मंचीय आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य **ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है जो नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं**, तथा अभिभावकों को यह संदेश देना है कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय जाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। चौपाल पर चल रही इस खुली कक्षा को देखकर ग्रामीण एवं अभिभावक भी बड़ी संख्या में रुके और बच्चों की सीखने की गतिविधियों को देखा। इससे शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ तथा कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का संकल्प लिया।

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**नवाचारी शिक्षक श्री अनिल कुमार कश्यप** ने बताया कि **”शिक्षा तुंहर पारा”** केवल एक शिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जागरूकता अभियान है। इसका उद्देश्य गांव के प्रत्येक घर तक शिक्षा का संदेश पहुँचाना, विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना तथा समुदाय की सहभागिता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार करना है।

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ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब शिक्षा स्वयं गांव के चौक तक पहुँच रही है, तब प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजे और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करे।

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