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जशपुरनगर 19 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों के भीतर जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला जशपुर आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार से जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।
पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं जो कभी कल्पना से परे थीं आज जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले को मिली ऐतिहासिक सौगातें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की मजबूत नींव रख दी है।
अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से जारी है जो आने वाले समय में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
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मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मिली विशेष प्राथमिकता
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर फरसाबहार मुख्यालय में शीघ्र ही सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना की जाएगी जिससे जिले के साथ साथ पड़ोसी राज्यों के लोगों को भी उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नागलोग अंचल के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मानी जा रही है जो आने वाले समय में जनजीवन के लिए वरदान सिद्ध होगी।
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आपातकालीन सेवाओं को मिली नई गति
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की है।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिला मजबूत स्वास्थ्य संबल
जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही फरसाबहार तहसील के पेटामारा अंकिरा और गांझियाडीह दुलदुला तहसील के करडेगा और सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में पांच नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इससे ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह बदलाव केवल भवन और योजनाओं का नहीं बल्कि जनता के विश्वास सुरक्षित भविष्य और बेहतर जीवन की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम है।

