छत्तीसगढ़ में अप्रैल महीने की शुरुआत तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी के बजाय मौसम के एक अलग ही रंग के साथ होने जा रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि उत्तरी ओडिशा के ऊपर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो गया है और राज्य से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसका सीधा असर आने वाले कुछ दिनों तक देखने को मिलेगा।
इस मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश के आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया है और कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है। अगले दो से चार दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
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बस्तर में ओलावृष्टि की आशंका और तापमान में गिरावट
इस बदलते मौसम का सबसे गहरा प्रभाव दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में पड़ने वाला है। यहाँ के लिए मौसम विभाग ने ओले गिरने की विशेष चेतावनी जारी की है, जिससे फसलों को नुकसान पहुँचने का डर भी बना हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि की इन गतिविधियों की वजह से बस्तर संभाग के इलाकों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। जहाँ प्रदेश के बाकी हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं बस्तर के लोगों को इस बेमौसम बरसात से फिलहाल चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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मध्य छत्तीसगढ़ में गर्मी और उमस का बरकरार रहना
दक्षिण में हो रही बारिश के बावजूद राजधानी रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में गर्मी के तेवर अभी भी तीखे बने हुए हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे राजधानी के निवासियों को फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है। भले ही इन शहरों में भी बादल छाए रहेंगे और शाम के समय धूल भरी आंधी चल सकती है, लेकिन बादलों की मौजूदगी और नमी की वजह से उमस और ज्यादा बढ़ जाएगी। अंबिकापुर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस तक रहने से वहां रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
4 अप्रैल के बाद फिर लौटेगी भीषण गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राहत और आंधी का यह दौर केवल 4 अप्रैल तक ही सीमित रहेगा। इसके बाद जैसे ही सक्रिय चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन का प्रभाव कम होगा, आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। जैसे ही बादल छटेंगे, सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी और गर्मी की लहर एक बार फिर पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अचानक आने वाली आंधी और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और 4 अप्रैल के बाद बढ़ने वाले पारे के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।

