रायपुर: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के सुचारू संचालन और विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी जानकारी साझा की है। विधानसभा में विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के आईटी स्कोप (IT Scope) के कार्यों के लिए कैबिनेट के निर्णय के अनुसार ‘सी-डेक’ (C-DAC) को नॉमिनेशन के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, डायल-112 के फ्लीट स्कोप ऑपरेशन यानी वाहनों के प्रबंधन और संचालन के लिए अक्टूबर 2025 में जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से निविदा आमंत्रित की गई थी। इस प्रक्रिया में दो कंपनियों, मेसर्स ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस और मेसर्स डेनेब एंड पोलक्स प्राइवेट लिमिटेड ने हिस्सा लिया था। नियमों के तहत न्यूनतम बोली लगाने वाली कंपनी (L1) मेसर्स ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस को पात्र पाया गया और विभाग द्वारा 9 जनवरी 2026 को कार्य आदेश जारी कर दिया गया।
टेंडर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंकाओं को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने सदन को बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अनियमितता की केवल एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच में कोई भी तथ्य प्रमाणित नहीं पाया गया। उन्होंने साफ किया कि छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों और जेम पोर्टल के प्रचलित प्रावधानों के तहत ही पूरी कार्रवाई संपादित की गई है। इस निर्णय से राज्य में आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलने और रिस्पॉन्स टाइम में सुधार होने की उम्मीद है।

