अमेठी जिले से सामने आया एक अनोखा और चौंकाने वाला विरोध इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जनापुर निवासी आदर्श प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के खिलाफ ऐसा कदम उठाया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। उन्होंने अपने खून से “UGC Roll Back” लिखते हुए एक पत्र तैयार किया और उसे पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा। आदर्श का कहना है कि ये नियम शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनका यह विरोध सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
UGC के नए नियमों पर क्यों भड़के आदर्श प्रताप सिंह?
आदर्श प्रताप सिंह का आरोप है कि यूजीसी के प्रस्तावित नए नियम हिंदू समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की एक सुनियोजित रणनीति हैं। उनका कहना है कि सरकार भले ही समानता की बात करे, लेकिन जमीनी हकीकत में ये नियम भेदभाव को बढ़ावा देंगे।
आरक्षण, समानता और छात्रों के भविष्य पर सवाल
आदर्श ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि यदि सरकार इन नियमों को लागू करना चाहती है, तो पहले आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। उनके मुताबिक, नए नियमों से गरीब, ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे शिक्षा में असमानता और बढ़ेगी।
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षा के निजीकरण की आशंका
आदर्श प्रताप सिंह ने आशंका जताई कि इन नियमों के लागू होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म हो सकती है और शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा। इससे उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। उनका यह अनोखा विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर उनका खून से लिखा पत्र तेजी से साझा किया जा रहा है। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

