रायपुर/CG Now:
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए ‘संजीवनी’ मानी जाने वाली महतारी एक्सप्रेस-102 सेवा की उपयोगिता लगातार बढ़ती जा रही है। विधानसभा में पेश किए गए नवीनतम आंकड़ों के विश्लेषण से यह साफ होता है कि पिछले दो वर्षों के भीतर इस सेवा के प्रति जनता का विश्वास और निर्भरता दोनों में भारी उछाल आया है। अप्रैल 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक के पंजीकृत कॉल की जानकारी यह तस्दीक करती है कि राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में 102 हेल्पलाइन एक अनिवार्य अंग बन चुकी है। जहाँ अप्रैल 2024 में इस सेवा के लिए लगभग 32,765 कॉल दर्ज की गई थीं, वहीं समय के साथ यह ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा और दिसंबर 2025 तक पहुँचते-पहुँचते यह आंकड़ा प्रति माह 44,466 कॉल तक जा पहुँचा है।
स्वास्थ्य विभाग के इन आंकड़ों में एक विशेष रुझान देखने को मिलता है, जिसमें वर्ष 2025 के मध्य से कॉल्स की संख्या में अचानक तेजी आई है। जून 2025 वह पहला महीना था जब महतारी एक्सप्रेस को मिलने वाली कॉल्स ने 40,000 का आंकड़ा पार किया, और उसके बाद से यह सिलसिला थमा नहीं है। वर्ष 2025 के अंतिम तीन महीनों—अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर—में लगातार 42 हजार से लेकर 44 हजार से अधिक कॉल पंजीकृत की गईं, जो यह दर्शाती हैं कि प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात सेवाओं के लिए महिलाएं अब घर बैठे सरकारी मदद पर भरोसा कर रही हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत भी इसी व्यस्तता के साथ हुई है, जहाँ जनवरी में 44,466 और फरवरी में 40,210 कॉल्स के जरिए सहायता मांगी गई।
महतारी एक्सप्रेस पर बढ़ती यह निर्भरता केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के बदलते सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य का प्रमाण है। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में जहाँ निजी वाहनों की पहुंच मुश्किल होती है, वहां 102 सेवा ने संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि, कॉल्स की इस भारी तादाद ने सिस्टम पर दबाव भी बढ़ाया है, जिससे अब भविष्य में एम्बुलेंसों की संख्या बढ़ाने और रिस्पांस टाइम को और बेहतर करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कुल मिलाकर, ये आंकड़े यह सिद्ध करते हैं कि महतारी एक्सप्रेस-102 अब केवल एक एम्बुलेंस सेवा नहीं, बल्कि प्रदेश की हजारों माताओं और शिशुओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन गई है।
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