छत्तीसगढ़ में 3 साल म
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 16 फरवरी 2026 के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में बलात्कार के कुल 1,013 मामले दर्ज किए गए हैं। यह भयावह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में औसतन हर दिन महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध घटित हो रहे हैं।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राजधानी रायपुर इस सूची में सबसे ऊपर है, जहाँ बलात्कार के 67 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद रायगढ़ जिले में 42 और महासमुंद में 39 मामले सामने आए हैं। सरगुजा संभाग के जिलों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ बलरामपुर, जशपुर और सूरजपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरण दर्ज हुए हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की बात करें तो पुलिस ने इन मामलों में तत्परता दिखाते हुए अधिकांश प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष चालान पेश कर दिया है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि अब भी कई मामले विवेचना (Investigation) के स्तर पर लंबित हैं, जो न्याय प्रक्रिया में देरी की ओर इशारा करते हैं।
महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि केवल चालान पेश करना काफी नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना शासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। गृह विभाग की यह रिपोर्ट अब आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बनने वाली है।

