रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से डोंगरगढ़ के कलवारी पहाड़ तक विश्व शांति, मानव कल्याण और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना हेतु इस वर्ष 11वीं विशाल क्रूसमार्ग पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

क्रूसमार्ग पदयात्रा आयोजन समिति के संयोजक और संस्थापक गुरविंदर सिंह चड्ढा सहित विजय रविकांत रुण्डा एवं प्रणब शरद टोप्पो ने इस गरिमामयी आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि विगत 10 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही यह चार दिवसीय पदयात्रा आपसी भाईचारे और सद्भावना की एक मिसाल बन चुकी है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से ईसाई समुदाय के लगभग 350 सदस्य भाग लेकर श्रद्धा प्रकट करेंगे।

24 मार्च 2026, मंगलवार की सुबह 6 बजे संत जोसेफ महा गिरजाघर, बैरन बाजार से इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा, जहाँ परम श्रद्धेय आर्च बिशप रेव्ह डा. विक्टर हेनरी ठाकुर, फादर सेबेस्टियन वी.जी. और पल्ली पुरोहित रेव्ह फादर जॉन जेवियर प्रभु यीशु मसीह के क्रूसमार्ग के प्रथम स्थान की पवित्र विनती और प्रार्थना संपन्न कराएंगे। यह यात्रा टाटीबंध, कुम्हारी, चरोदा, भिलाई पावर हाउस, सुपेला, और सेक्टर 6 होते हुए दुर्ग के संत विंसेंट डी पॉल चर्च पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन बुधवार को अंजोरा और सोमनी के मार्ग से होते हुए राजनांदगांव के संत जॉन बैप्टिस्ट चर्च में प्रवेश करेगी।

पदयात्रा के तीसरे दिन श्रद्धालु सुकुल दैहान के रास्ते रात करीब 8 बजे डोंगरगढ़ के कलवारी पहाड़ पहुंचेंगे, जहाँ छत्तीसगढ़ राज्य और भारत राष्ट्र की प्रगति के लिए विशेष विनती की जाएगी। यात्रा के अंतिम दिन, शुक्रवार 27 मार्च को सभी पदयात्री हाथों में पवित्र क्रूस लेकर कलवारी पहाड़ पर बने 14 स्थानों पर प्रार्थना करेंगे, जिसके बाद आर्च बिशप रेव्ह डा. विक्टर हेनरी ठाकुर और फादर विपिन मिंज की विशेष उपस्थिति में पवित्र मिस्सा बलिदान एवं पूजन विधि संपन्न होगी।
आयोजन समिति ने ‘सर्व धर्म ही राष्ट्र का श्रृंगार है’ के सूत्र वाक्य के साथ इस आयोजन को मानव सेवा और ईश्वरीय सेवा के संगम के रूप में परिभाषित किया है।

