रायपुर | छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को राजधानी रायपुर में गर्मी ने बीते 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे शहर भट्टी की तरह तप उठा।
मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर में पारा 44.6°C तक जा पहुंचा। इससे पहले साल 2010 में ऐसी स्थिति देखी गई थी।
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शहर |
तापमान (Celsius) |
स्थिति |
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राजनांदगांव |
45.5°C |
प्रदेश में सबसे गर्म |
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रायपुर |
44.6°C |
15 साल का रिकॉर्ड टूटा |
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बिलासपुर |
44°C+ |
भीषण लू का प्रभाव |
रायपुर में गर्मी का इतिहास देखें तो इसका सर्वकालिक रिकॉर्ड 84 साल पहले 30 अप्रैल 1942 को दर्ज किया गया था, जब तापमान 46.1°C तक पहुंच गया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए छत्तीसगढ़ के मध्य इलाकों में भीषण ग्रीष्मलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इसके प्रभाव से रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार चल रही शुष्क हवाओं और तेज धूप की वजह से ही तापमान में यह रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
भीषण गर्मी के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाओं के कारण जल्द ही मौसम का मिजाज बदल सकता है। इसके प्रभाव से आज 26 अप्रैल को बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। सोमवार तक प्रदेश के मध्य हिस्सों में भी नमी बढ़ने से तापमान में मामूली गिरावट आएगी जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचा जाए। शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए नियमित रूप से नींबू पानी, ओआरएस या छाछ का सेवन करते रहें। इसके अलावा घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और सिर को ढंककर रखना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।

