छत्तीसगढ़ में IAS, IPS और IFS अफसरों को सौगात: सरकार ने DA में की 2% की बढ़ोतरी, आदेश जारी
**रायपुर।** छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों की कछुआ चाल पर अब शासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय में आयोजित एक हाई-लेवल मीटिंग में दोटूक चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों के खिलाफ अब सीधे नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने ई-प्रगति पोर्टल पर दर्ज राज्य की अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कागजी दावों के बजाय अब जमीन पर काम दिखना चाहिए।
पारदर्शिता के लिए नया फरमान, अब नहीं चलेगी कागजी बाजीगरी
निरीक्षण और मॉनिटरिंग को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव ने कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। अब सभी संबंधित विभागों को हर परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी, जिससे काम की वास्तविक स्थिति पर सीधी और पैनी नजर रखी जा सके। इसके साथ ही जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे इन परियोजनाओं में व्यक्तिगत रूप से रुचि लें और ई-प्रगति पोर्टल के कार्यों की दैनिक स्तर पर समीक्षा करें। मोबाइल टॉवर स्थापना और अन्य प्रोजेक्ट्स के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या तकनीकी दिक्कतों को भी संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर तत्काल सुलझाने का आदेश दिया गया है।
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बिलासपुर और गरियाबंद की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विशेष नजर
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से राज्य की पांच अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई। इनमें बिलासपुर के उसलापुर और कोनी में बन रहे वर्किंग वुमेन हॉस्टल, बिलासपुर में ही 4G स्टेशन डीवीएन मोबाइल टॉवर स्थापना और मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना शामिल हैं। इनके अलावा गरियाबंद जिले की सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल परियोजना की प्रगति को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इन सभी परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर काम की रफ्तार बढ़ाने को कहा गया है।
मंत्रालय से लेकर 21 जिलों के कप्तानों तक सीधे पहुंचे कड़े निर्देश
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर इस बैठक से सीधे जुड़े हुए थे। मुख्य सचिव ने इन सभी जिला कप्तानों को फील्ड पर कड़ाई से मॉनिटरिंग करने और तय समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्य सचिव ने सख्त अल्टीमेटम दिया है कि :विकास परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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