रायपुर/CG Now:
छत्तीसगढ़ में बेहतर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के दावों के बीच एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राज्य के थानों में पुलिस बल की भारी कमी है, जिससे न केवल मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी संकट मंडरा रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान जिलावार पुलिस बल के रिक्त पदों की जो सूची जारी की गई है, वह प्रशासन की नींद उड़ाने वाली है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में निरीक्षक से लेकर आरक्षक स्तर तक के कुल 8637 पद रिक्त पड़े हैं।

बीजापुर और राजधानी रायपुर में रिक्तियों का अंबार:
रिपोर्ट के मुताबिक, नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहाँ कुल 642 पद खाली हैं। इसमें निरीक्षक (12), उपनिरीक्षक (69), सहायक उपनिरीक्षक (97), प्रधान आरक्षक (262) और आरक्षक (202) के पद शामिल हैं। वहीं राजधानी रायपुर में भी पुलिस बल की भारी कमी देखी गई है, जहाँ कुल 634 पद रिक्त हैं। रायपुर में अकेले आरक्षक (Constable) के ही 518 पद खाली पड़े हैं, जो शहर की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।
बस्तर संभाग और बड़े जिलों का हाल:
बस्तर संभाग के अन्य जिलों जैसे जगदलपुर (508 पद), कोण्डागांव (434 पद) और सुकमा (395 पद) में भी रिक्तियों की संख्या काफी ज्यादा है। बड़े मैदानी जिलों की बात करें तो दुर्ग (472 पद), बिलासपुर (368 पद) और ग़रियाबंद (370 पद) में भी पुलिस बल की कमी कानून व्यवस्था को चुनौती दे रही है। जशपुर जिले में भी कुल 200 पद रिक्त हैं, जिनमें 137 आरक्षक पद शामिल हैं।
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प्रदेश कापदवार रिक्तियों का गणित:
प्रदेश में कुल रिक्त पदों का योग 8637 है, जिसे इस तरह समझा जा सकता है:
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निरीक्षक (Inspector): 112 पद
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उपनिरीक्षक (SI): 1036 पद
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सहायक उपनिरीक्षक (ASI): 552 पद
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प्रधान आरक्षक (Head Constable): 1169 पद
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आरक्षक (Constable): 5768 पद
| क्र. | जिला/इकाई | निरीक्षक | उपनिरी. | सहा.उनि. | प्र.आर. | आरक्षक | योग (Total) |
| 1 | रायपुर | – | 76 | 4 | 36 | 518 | 634 |
| 2 | बीजापुर | 12 | 69 | 97 | 262 | 202 | 642 |
| 3 | जगदलपुर | 11 | 89 | 18 | 145 | 245 | 508 |
| 4 | दुर्ग | 9 | 80 | – | 59 | 324 | 472 |
| 5 | कोण्डागांव | 2 | 32 | 32 | 49 | 319 | 434 |
| 6 | सुकमा | 3 | 55 | 83 | 221 | 33 | 395 |
| 7 | गरियाबंद | 4 | 12 | 30 | 17 | 307 | 370 |
| 8 | बिलासपुर | 2 | 52 | 15 | 39 | 260 | 368 |
| 9 | बलरामपुर | 3 | 31 | 15 | 24 | 267 | 340 |
| 10 | बालोद | 6 | 26 | 23 | 34 | 250 | 339 |
| 11 | नारायणपुर | – | 8 | – | – | 297 | 305 |
| 12 | रायगढ़ | 3 | 29 | 24 | 20 | 220 | 296 |
| 13 | सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 3 | 20 | 20 | 8 | 220 | 271 |
| 14 | मोहला-मानपुर | – | 20 | 8 | 20 | 222 | 270 |
| 15 | सूरजपुर | 6 | 29 | 11 | 24 | 167 | 237 |
| 16 | बलौदाबाजार | 1 | 30 | 17 | 18 | 153 | 219 |
| 17 | एम.सी.बी. | 4 | 16 | 4 | 10 | 175 | 209 |
| 18 | केसीजी (खैरागढ़) | – | 11 | 7 | 6 | 183 | 207 |
| 19 | कबीरधाम | 4 | 35 | 25 | 25 | 113 | 202 |
| 20 | जशपुर | 5 | 25 | 9 | 24 | 137 | 200 |
| 21 | जी.आर.पी. रायपुर | 2 | 10 | 14 | 15 | 151 | 192 |
| 22 | राजनांदगांव | – | 34 | 12 | 21 | 122 | 189 |
| 23 | जांजगीर-चांपा | 2 | 27 | 10 | 12 | 114 | 165 |
| 24 | महासमुंद | 2 | 29 | 19 | 16 | 86 | 152 |
| 25 | कोरबा | 11 | 30 | 2 | 9 | 100 | 152 |
| 26 | बेमेतरा | 2 | 16 | 15 | 7 | 100 | 140 |
| 27 | दंतेवाड़ा | 1 | 30 | – | – | 104 | 135 |
| 28 | धमतरी | 4 | 27 | 4 | 12 | 74 | 121 |
| 29 | शक्ति | – | 19 | 12 | 8 | 55 | 94 |
| 30 | जी.पी.एम. | 1 | 8 | 4 | 6 | 71 | 90 |
| 31 | मुंगेली | 6 | 15 | 10 | 6 | 52 | 89 |
| 32 | सरगुजा | – | 27 | 4 | 11 | 43 | 85 |
| 33 | कांकेर | – | 18 | – | – | 62 | 80 |
| 34 | कोरिया | 3 | 1 | 4 | 5 | 22 | 35 |
| योग | कुल रिक्त पद | 112 | 1036 | 552 | 1169 | 5768 | 8637 |
इतनी बड़ी संख्या में आरक्षकों और उपनिरीक्षकों के पद खाली होना यह दर्शाता है कि थानों में केस की जांच और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुनियादी अमले की भारी किल्लत है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदों का खाली होना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इन 8637 पदों को भरने के लिए कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी या इसी तरह ‘शॉर्ट स्टाफ’ के सहारे ही छत्तीसगढ़ पुलिस काम चलाती रहेगी।

