रायपुर/CG Now:
छत्तीसगढ़ के जिला रोजगार कार्यालयों के माध्यम से सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे लाखों युवाओं के लिए विधानसभा से एक निराशाजनक खबर सामने आई है। पिछले दो वर्षों के दौरान प्रदेश के किसी भी रोजगार कार्यालय के माध्यम से एक भी युवा को शासकीय (सरकारी) विभाग में नौकरी नहीं मिल सकी है। विधानसभा में आज कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने लिखित जवाब में यह स्वीकार किया कि रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंपों के जरिए केवल निजी संस्थानों में ही रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।
15 लाख से अधिक बेरोजगार, सरकारी आंकड़े ‘शून्य’:
मंत्री द्वारा सदन में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 15 फरवरी 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ के समस्त जिला रोजगार कार्यालयों में कुल 15,75,758 शिक्षित बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। इतनी बड़ी संख्या में पंजीकृत युवाओं के बावजूद, जनवरी 2024 से लेकर 15 फरवरी 2026 तक की अवधि में शासकीय सेवाओं में रोजगार कार्यालय के माध्यम से मिलने वाली नियुक्तियों का आंकड़ा ‘0’ (शून्य) रहा है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर सरकारी विभागों में भर्ती की धीमी प्रक्रिया या रोजगार कार्यालयों की बदलती भूमिका की ओर इशारा करता है।
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निजी क्षेत्र ने दिया 15 हजार से ज्यादा युवाओं को सहारा:
भले ही सरकारी क्षेत्र में आंकड़े शून्य रहे हों, लेकिन निजी संस्थानों ने रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को काम दिया है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक: जनवरी 2024 से मार्च 2025 तक: निजी क्षेत्रों में कुल 5,823 युवाओं को रोजगार मिला।अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक: निजी क्षेत्रों में नियुक्तियों में तेजी आई और 9,756 युवाओं को नौकरी मिली।कुल योग: पिछले दो सालों में प्लेसमेंट कैंपों के जरिए कुल 15,579 युवाओं को निजी संस्थानों में काम मिला है।
विधानसभा में पेश यह आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा आज भी सरकारी नौकरी की आस में रोजगार कार्यालयों का चक्कर काट रहा है, लेकिन हकीकत में उसे केवल निजी क्षेत्र में ही अवसर मिल पा रहे हैं। 15 लाख पंजीकृत बेरोजगारों के मुकाबले महज 15 हजार निजी नौकरियां ऊंट के मुंह में जीरा के समान हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं युवा इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि आखिर रोजगार कार्यालयों के माध्यम से सरकारी विभागों में भर्ती की खिड़की कब खुलेगी।
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