रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने “ऑपरेशन अंकुश” के माध्यम से अपराधियों और सट्टेबाजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में छाल थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जिसमें रायपुर में हुई डकैती का फरार आरोपी चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दु पुलिस के हत्थे चढ़ा है। यह शातिर अपराधी पुलिस से बचने के लिए छिपकर गांव में रह रहा था और वहीं से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का अवैध काला कारोबार संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चंद्रभूषण डनसेना का इतिहास काफी पुराना और गंभीर है। मार्च 2023 में उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद वह जेल गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने रायपुर के पंडरी स्थित एक ट्रेडिंग ऑफिस में अपने साथियों के साथ डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया और तब से फरार चल रहा था। फरारी काटते हुए वह ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में ठिकाने बदल रहा था, लेकिन आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने उसे कुरकुट पुल के पास धर दबोचा।
कार्रवाई के दौरान पता चला कि आरोपी आईपीएल में पंजाब किंग्स इलेवन और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे मैच पर ‘बॉल टू बॉल’ सट्टा खिला रहा था। पुलिस ने मौके से सट्टा खेलने वाले एक अन्य युवक रूपधर पटेल को भी गिरफ्तार किया है, जिसने ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर दांव लगाया था। पुलिस ने इनके पास से ₹82,000 से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें महंगे स्मार्टफोन और नकदी शामिल हैं। डिजिटल साक्ष्य के रूप में फोन-पे ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट भी बरामद किए गए हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन बेटिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, छाल पुलिस ने दोनों आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।


