महासमुंद (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक और निर्णायक सफलता हासिल की है। पुलिस ने ‘सोर्स से डेस्टिनेशन’ तक की अपनी ‘एंड-टू-एंड’ रणनीति पर काम करते हुए, 4.5 करोड़ रुपये के गांजा नेटवर्क के मुख्य सप्लायर मिश्रो नायक को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, ओडिसा से उत्तर प्रदेश तक फैले इस विशाल ड्रग सिंडिकेट की कमर पूरी तरह टूट गई है।
क्या था मामला?
बीती 17 अप्रैल 2026 को थाना बसना पुलिस ने पलसापाली बैरियर पर एक आयशर ट्रक (AP 39 TT 4556) को रोका था। तलाशी लेने पर पुलिस की आँखें फटी रह गईं; ट्रक में कच्चे केले की आड़ में 29 बोरियों में छिपाकर 912 किलो से अधिक गांजा ले जाया जा रहा था। तस्कर इतने शातिर थे कि पकड़े जाने से बचने के लिए वे चार अलग-अलग फर्जी नंबर प्लेट्स का इस्तेमाल कर रहे थे।
तकनीकी जांच और मास्टरमाइंड का खेल खत्म
महासमुंद पुलिस ने इस मामले को महज एक ट्रक पकड़ने तक सीमित नहीं रखा। जब्त मोबाइल फोन्स और तकनीकी डेटा का सूक्ष्म विश्लेषण (Technical Analysis) शुरू किया। इस कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और एक-एक करके पूरा नेटवर्क बेनकाब होता गया। यूपी के शामली से मुख्य सरगना विनय शर्मा उर्फ ‘पंडित जी’ की गिरफ्तारी ने इस गिरोह के चेहरे से पूरी तरह नकाब हटा दिया था।
ओडिशा से पकड़ा गया मुख्य सप्लायर
जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए बसना पुलिस की टीम सीधे ओडिशा के कंधमाल जिले के बालिगुडा पहुँची। वहाँ से नेटवर्क के मुख्य सप्लायर मिश्रो नायक को दबोच लिया गया। अब पुलिस ने सप्लायर, बिचौलिया, कैरियर और मुख्य रिसीवर (मास्टरमाइंड) — यानी पूरी चेन को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
महासमुंद पुलिस की इस ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि यदि कोई भी अवैध मादक पदार्थों के व्यापार में लिप्त है, तो वह चाहे किसी भी राज्य में छिपा हो, पुलिस उसे बख्शेगी नहीं। 4.5 करोड़ से अधिक की इस खेप को जब्त कर और पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त कर महासमुंद पुलिस ने नशामुक्ति की दिशा में एक बड़ी लकीर खींची है।
अब तक की मुख्य गिरफ्तारियां:
- मुख्य सप्लायर: मिश्रो नायक (कंधमाल, ओडिशा) – आज गिरफ्तार।
- मुख्य सरगना: विनय शर्मा उर्फ पंडित जी (शामली, यूपी) – 17 जून को गिरफ्तार।
- अन्य सहयोगी: रामजी ठाकुर (बिचौलिया), अब्दुल नईम (कैरियर), रमाकांत बेहरा और बबलू नायक (सप्लायर)।
जब्त सामग्री:
- 912.760 किलो गांजा (कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये)।
- आयशर ट्रक और 04 फर्जी नंबर प्लेट्स।
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई की चहुँओर प्रशंसा हो रही है। यह मामला भविष्य में ड्रग तस्करी के खिलाफ अन्य राज्यों की पुलिस के लिए भी एक ‘केस स्टडी’ बन गया है।

