ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग के दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय स्कूली शिक्षा प्रणाली के भविष्य को लेकर एक बड़ा रोडमैप साझा किया गया। शिक्षा मंत्रालय अब यूडीआईएसई+ (UDISE+) को केवल डेटा संग्रह के एक माध्यम से ऊपर उठाकर इसे एक आधुनिक ‘एआई कंप्लायंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में विकसित कर रहा है। यह बदलाव न केवल डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी नई ऊंचाई देगा।
इस रणनीतिक विस्तार के तहत यूडीआईएसई+ इकोसिस्टम में कई उन्नत एआई उपकरणों को शामिल किया जा रहा है। अब प्रणाली में स्वचालित डेटा फ्लैगिंग और स्मार्ट सत्यापन कतार जैसी सुविधाएं होंगी, जो डेटा प्रविष्टि के दौरान होने वाली मानवीय त्रुटियों को तुरंत पहचान कर उन्हें ठीक करेंगी। इसके अलावा, स्कूलों की सहायता के लिए एक एआई हेल्पडेस्क तैयार किया गया है, जो डेटा प्रबंधन की जटिलताओं को सरल बनाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव स्वचालित स्कूल रिपोर्ट कार्ड का होगा, जिससे रीयल-टाइम डेटा के आधार पर स्कूलों के प्रदर्शन का विश्लेषण तुरंत उपलब्ध हो सकेगा।
मंत्रालय का विजन इस प्लेटफॉर्म को अपार आईडी (APAAR ID) के साथ गहराई से जोड़ना है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी के अधिगम परिणाम (Learning Outcomes) और ड्रॉप-आउट होने के कारणों का एआई के माध्यम से सूक्ष्म विश्लेषण किया जा सके। इस तकनीक के आने से राज्यों और जिलों के लिए कार्यान्वयन की चुनौतियां कम होंगी और वे बेहतर डेटा प्रबंधन के जरिए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना सकेंगे। यह आधुनिक सिस्टम भविष्य में शिक्षा शासन के लिए एक साझा विजन तैयार करेगा, जहाँ हर निर्णय सटीक आंकड़ों और एआई-संचालित अंतर्दृष्टि पर आधारित होगा।

