Author: Faizan Ashraf

तैयार रखें दस्तावेज: निजी स्कूलों की 25% सीटों पर 16 फरवरी से मिलेगी एंट्री रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश की बिजली कंपनी (CSPDCL) ने उपभोक्ताओं को उनके व्हाट्सएप नंबर पर ही बिजली बिल भेजने की अत्याधुनिक सुविधा शुरू कर दी है। https://cgnow.in/mission-capable-anganwadis-will-now-be-smart-huge-increase-in-anganwadi-center-budget-and-target-of-50000-new-buildings/ छत्तीसगढ़ में महंगा जाम:  1 अप्रैल से बदल जाएंगे देसी-विदेशी और बीयर के दाम! अब मीटर रीडिंग होते ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में पूरा बिल पहुंच जाएगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि कागजी बिल खोने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। https://cgnow.in/sleeper-incarnation-of-indian-railways-now-260-vande-bharat-trains-will-hit-the-tracks-with-speed-of-180-and-facilities-like-airplane/ शहरों की…

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सूफी संगीत और कव्वाली की सदियों पुरानी परंपरा में जहाँ अनुभव और उम्र को बड़ा पैमाना माना जाता है, वहीं अजमत आफताब शाबरी ने एक नई मिसाल पेश की है। महज़ बचपन की दहलीज पर खड़े इस कलाकार ने अपनी रूहानी आवाज़ और मंच पर अपने जादुई प्रभाव से यह साबित कर दिया है कि कला किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। विरासत का उत्तराधिकारी अजमत शाबरी के भीतर जो संगीत की लहरें उठती हैं, वे उन्हें विरासत में मिली हैं। मशहूर कव्वाल आफताब शाबरी के बेटे होने के नाते, उन्होंने सुरों के बीच ही अपनी आँखें खोलीं। उनके…

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हिंसा से हुनर का सफर: बस्तर में बंदूक छोड़कर हुनरमंद हुए युवा https://cgnow.in/ramadan-2026-when-is-the-beginning-of-the-holy-month-why-is-it-special-and-what-is-the-importance-of-fasting/ मोहब्बत की फिज़ा सिर्फ शहरों में ही नहीं, गाँव की पगडंडियों, खेतों की मेड़ और कच्ची गलियों में भी आज गुलाबों की महक बनकर तैर रही है। सात फरवरी का ‘रोज डे’ अब गाँव के युवाओं के लिए भी एक खास दिन बन चुका है, जहाँ भावनाएँ सादी हैं, लेकिन एहसास बेहद गहरे। https://cgnow.in/u200b%f0%9f%a5%83-u200bbabu-moshay-now-there-will-be-jam-on-holi-and-arrangements-will-also-be-made-for-dry-day-holiday-in-chhattisgarh/ SC छात्रों के लिए बड़ी सौगात: विदेश में पढ़ाई के लिए अब मिलेगा 40 लाख तक का लोन https://cgnow.in/little-aftab-azmat-shabri-shines-on-the-field-of-sufi-music/ सूफी संगीत के फलक पर चमकता ‘नन्हा आफताब’: अजमत शाबरी https://cgnow.in/under-the-age-of-18-consent-is-invalid-and-trafficking-is-now-an-organized-crime-governments-zero-tolerance-plan/ गाँव का अपना…

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जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला प्रतिष्ठित ‘ग्रीन लीफ अवॉर्ड’ सूफी संगीत और कव्वाली की सदियों पुरानी परंपरा में जहाँ अनुभव और उम्र को बड़ा पैमाना माना जाता है, वहीं अजमत आफताब शाबरी ने एक नई मिसाल पेश की है। महज़ बचपन की दहलीज पर खड़े इस कलाकार ने अपनी रूहानी आवाज़ और मंच पर अपने जादुई प्रभाव से यह साबित कर दिया है कि कला किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। केंद्रीय बजट 2026 पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत नेताओं ने दी तीखी और सकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं https://cgnow.in/governments-strong-stance-on-child-safety-no-place-for-consent-below-the-age-of-18-years/ युवा वकीलों के लिए खुशखबरी: अब जूनियर अधिवक्ताओं…

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 रामझूलवा ‘: मौन हुई ‘चरर-चरर’ की आवाज़, आधुनिकता की भेंट चढ़ी जतरा मेलों की पुरानी, पहचान,ग्रामीण संस्कृति का एक युग समाप्त गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा की राह अब और आसान होने जा रही है। निःशुल्क शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत जिले के निजी स्कूलों में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का आगाज होने वाला है। इसके तहत गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों की कक्षा पहली में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। https://cgnow.in/jashpurs-sarna-ethnic-resort-receives-the-prestigious-green-leaf-award/ 18 से कम उम्र में ‘सहमति’ अमान्य और तस्करी अब संगठित अपराध; सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान यह आरक्षण विशेष रूप से…

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रामझूलवा ‘: मौन हुई ‘चरर-चरर’ की आवाज़, आधुनिकता की भेंट चढ़ी जतरा मेलों की पुरानी, पहचान,ग्रामीण संस्कृति का एक युग समाप्त बीजापुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में ऐतिहासिक सुधार लाने के लिए जिला प्रशासन ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष जिले के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य रखा जाएगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जहाँ एक ओर विषय विशेषज्ञों की कमी को डीएमएफ (DMF) फंड से पूरा किया…

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 अब भाषा नहीं बनेगी पर्यटन में बाधा: अपनी ही जुबान में गाइड करेगा ‘1363’ नंबर , महिला पर्यटकों को मिला सुरक्षा कवच, 15 राज्यों में तैनात ‘पर्यटन प्रहरी’,  रायपुर |  भारत आज एक ऐसे युग की ओर बढ़ रहा है जहाँ कानून की सख्ती अपराधियों के लिए काल है, तो वहीं समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए सुरक्षा का एक अभेद्य कवच। लोकसभा में पेश की गई विभिन्न रिपोर्टों और राज्यों से आई उपलब्धियों को देखें तो देश में ‘सबका न्याय, सबका विकास’ का संकल्प धरातल पर उतरता दिख रहा है। नागलोक: जहाँ पगडंडियों पर ‘काल’ रेंगता है; जशपुर का…

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 युवा वकीलों के लिए खुशखबरी: अब जूनियर अधिवक्ताओं को मिलेगा सम्मानजनक स्टाइपेंड https://cgnow.in/good-news-for-young-lawyers-now-junior-advocates-will-get-respectable-stipend/ रायपुर: छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर आज एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राज्य के जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट मानकों के लिए वर्ष 2025-26 का प्रतिष्ठित ‘ग्रीन लीफ अवॉर्ड’ प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य को सौंपा। https://cgnow.in/doctors-will-have-to-prescribe-generic-medicine-otherwise-action-will-be-taken/ बदलता भारत: लिंगानुपात 929 पहुँचा, स्कूलों में 80% बेटियाँ और अब दिव्यांगों के घर तक पहुँचेगा न्याय स्वच्छता और एनजीटी मानकों पर खरा उतरा रिसॉर्ट यह…

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 मजदूरों को भुगतान की गारंटी: ‘काम के 15 दिन के भीतर मिलेगा पैसा, देरी हुई तो देना होगा मुआवजा; नई रोजगार योजना पर सरकार सख्त नई दिल्ली | 06 फरवरी 2026 देश की न्याय प्रणाली को मजबूत करने वाले युवा कंधों को अब आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार और भारतीय बार काउंसिल (BCI) ने जूनियर वकीलों के शुरुआती करियर की चुनौतियों को समझते हुए उनके लिए मासिक स्टाइपेंड की सिफारिश की है। लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने जानकारी दी कि सरकार कानून के क्षेत्र में आने वाली नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित…

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 बाल सुरक्षा पर सरकार का कड़ा रुख: 18 वर्ष से कम आयु में ‘सहमति’ का कोई स्थान नहीं नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आज लोकसभा में महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और दिव्यांगजनों के अधिकारों को लेकर एक ऐसी व्यापक योजना पेश की है, जो कानून की कड़ाई के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत अब एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है जहाँ न्याय और सुरक्षा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ होगी। 2027 में होगी देश की अगली जनगणना: दूसरे चरण में की…

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