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काठमांडू/नई दिल्ली।
नेपाल ने एक दशक से अधिक समय से भारतीय उच्च मूल्य वर्ग के नोटों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। अब नेपाल में 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट भी वैध रूप से रखे और इस्तेमाल किए जा सकेंगे। नेपाली कैबिनेट ने सोमवार को यह अहम फैसला लिया, जिससे भारत–नेपाल के आर्थिक और सामाजिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकारी फैसले के अनुसार, अब नेपाली और भारतीय नागरिक 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट अधिकतम 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति की सीमा तक अपने साथ ला या ले जा सकते हैं। यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (मुद्रा का आयात–निर्यात) नियमों में किए गए संशोधन के अनुरूप लिया गया है।
पर्यटकों और व्यापारियों को बड़ी राहत
नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि इस फैसले से दोनों देशों के पर्यटकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह लंबे समय से नेपाल की मांग थी, जिस पर भारत ने सकारात्मक रुख दिखाया।यह निर्णय खास तौर पर उन प्रवासी श्रमिकों के लिए राहत लेकर आएगा, जो भारत में काम करते हैं और अब तक केवल कम मूल्य वर्ग के नोटों में ही अपनी कमाई नेपाल ला पाते थे।
25,000 रुपये प्रति व्यक्ति की सीमा
नेपाल सरकार के प्रवक्ता एवं सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल ने स्पष्ट किया कि भारतीय मुद्रा ले जाने या लाने की अधिकतम सीमा 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है। यह नियम नेपाली और भारतीय—दोनों नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
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नोटबंदी के बाद लगा था प्रतिबंध
गौरतलब है कि भारत में 9 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद नेपाल ने 100 रुपये से अधिक के भारतीय नोटों के उपयोग और आयात–निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय नेपाल के बैंकिंग सिस्टम में करीब 5 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा फंसी हुई थी। अब RBI द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद नेपाल ने भी प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सीमा पार व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और भारत–नेपाल संबंध और मजबूत होंगे।
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