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नई दिल्ली | 16 फरवरी, 2026
ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर में उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे के नेतृत्व में प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील (ऐस वेक्टर लिमिटेड) को बच्चों के लिए असुरक्षित खिलौने बेचने और भ्रामक विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को गुमराह करने का दोषी पाया है। इस गंभीर लापरवाही के लिए स्नैपडील पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया है, जो ई-कॉमर्स क्षेत्र की अन्य बड़ी कंपनियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि स्नैपडील पर वे खिलौने धड़ल्ले से बेचे जा रहे थे जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनिवार्य सुरक्षा मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे। खिलौना गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत जनवरी 2021 से ही बीआईएस मानक अनिवार्य कर दिए गए थे, लेकिन स्नैपडील ने इस नियम की अनदेखी करते हुए दिसंबर 2025 तक अपने प्लेटफॉर्म पर गैर-मानक उत्पादों की मौजूदगी जारी रखी। इन खिलौनों की सूचियों में न तो निर्माता का नाम था और न ही कोई अनिवार्य प्रमाणन संख्या, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद की शुद्धता को पहचानना नामुमकिन था।
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स्नैपडील ने बचाव में खुद को एक ‘शॉपिंग मॉल’ की तरह केवल एक सुविधा प्रदाता बताया, जिसे प्राधिकरण ने पूरी तरह खारिज कर दिया। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि जब कोई प्लेटफॉर्म “तूफान सेल” और “डील ऑफ द डे” जैसे विशेष ऑफर्स चलाता है और उत्पादों पर ‘सर्वोत्तम गुणवत्ता’ के टैग लगाता है, तो वह केवल एक बिचौलिया नहीं रह जाता। प्राधिकरण ने यह साफ कर दिया कि अब बाजार का सिद्धांत ‘खरीदार सावधान रहे’ से बदलकर ‘विक्रेता सावधान रहे’ हो गया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब ई-कॉमर्स कंपनियों को यह सुनिश्चित करना ही होगा कि उनके जरिए बिकने वाला हर उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित है।
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अंततः प्राधिकरण ने स्नैपडील को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह भविष्य में बिना बीआईएस मार्क वाले किसी भी खिलौने को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह न दे। इसके साथ ही ग्राहकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत अधिकारी का विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। सीसीपीए की यह कार्रवाई केवल एक दंड नहीं है, बल्कि एक मज़बूत चेतावनी है कि मुनाफे की होड़ में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

