नई दिल्ली
चुनाव आयोग ने गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की समयसीमा बढ़ा दी है, ताकि मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाया जा सके।
किस राज्य में कितनी बढ़ी समयसीमा
– उत्तर प्रदेश : 26 दिसंबर 2025 तक
– मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार : 18 दिसंबर 2025 तक
– तमिलनाडु, गुजरात : 14 दिसंबर 2025 तक
आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए अतिरिक्त समय देना आवश्यक माना गया।
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योग्य मतदाताओं को प्रोत्साहन
चुनाव आयोग ने सभी पात्र नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरने के लिए प्रोत्साहित किया है।
फॉर्म जमा करने के दो विकल्प बताए गए
– संबंधित बीएलओ (BLO) के माध्यम से
– या ECINet ऐप एवं वेबसाइट पर ऑनलाइन
आयोग ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित होगी।
SIR क्या है
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और साफ रखना है, डुप्लीकेट नाम हटाना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम निकालना,18 वर्ष से ऊपर के नए मतदाताओं को शामिल करना.
इस प्रक्रिया से फर्जी मतदान की संभावनाओं को कम किया जा रहा है। वर्तमान में एसआईआर का दूसरा चरण जारी है, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। शिक्षक व अन्य सरकारी कर्मचारियों के बीएलओ होने के कारण समय की चुनौती भी सामने आई है।
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यूपी ने दो सप्ताह का और समय मांगा
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि राज्य ने आयोग से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है ताकि मृत, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं की प्रविष्टियों का दोबारा सत्यापन किया जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक 99.24% जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। यूपी में यह अभ्यास 4 नवंबर से चल रहा है।
बंगाल में भी बढ़ी समयसीमा
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर की अंतिम प्रकाशन तिथि भी बढ़ा दी है। नई तारीख 14 फरवरी 2026 तय की गई है। आयोग ने यह विस्तार बड़े पैमाने पर हो रहे जनगणना कार्य, मतदान केंद्रों के सत्यापन और आवश्यक युक्तिकरण की आवश्यकता को देखते हुए दिया है।यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि देशभर की मतदाता सूची अधिक सटीक, विश्वसनीय और समावेशी हो, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए।
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