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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने देश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई है। सरकार ने एक ओर जहां विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सीमावर्ती देशों से आने वाले निवेश के नियमों में ढील दी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 8.8 लाख करोड़ रुपये की विशाल परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी है।
विदेशी निवेश के मोर्चे पर सरकार ने 2020 में कोविड महामारी के दौरान जारी ‘प्रेस नोट 3’ के प्रावधानों में महत्वपूर्ण ढील दी है। उस समय भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के लिए चीन और अन्य सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश पर सरकार की पूर्व मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी। अब इस नीति में बदलाव कर विदेशी पूंजी प्रवाह को फिर से गति देने का प्रयास किया गया है, ताकि औद्योगिक विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी की कमी को पूरा किया जा सके। यह नीतिगत बदलाव भू-राजनीतिक चुनौतियों और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की सरकार की कोशिश को दर्शाता है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में चीन का एफडीआई योगदान सीमित रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखी गई है।
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बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कैबिनेट ने 8.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश एजेंडे को मंजूरी दी है, जिसमें ग्रामीण विकास का प्रमुख हिस्सा शामिल है। इस पैकेज के तहत सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ के दायरे को और अधिक व्यापक बनाते हुए इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसके लिए 8.7 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट आवंटित किया गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की सुविधा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
यातायात सुविधाओं को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने रेलवे, हाईवे और विमानन क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेलवे के क्षेत्र में संतरागाछी-खड़गपुर और सैंथिया-पाकुड़ के बीच चौथी रेल लाइनों के निर्माण के लिए क्रमशः 2,905 करोड़ और 1,569 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे माल ढुलाई तेज होगी और रेल यातायात की भीड़ कम होगी। सड़क मार्ग को मजबूत करने के लिए जेवर एयरपोर्ट और फरीदाबाद के बीच एलिवेटेड रोड के लिए 3,631 करोड़ रुपये तथा NH 752 D को 4-लेन बनाने के लिए 3,839 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देकर विमानन क्षेत्र को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी है।
इन विकास कार्यों के साथ-साथ सरकार ने कानूनी ढांचे को भी अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। कैबिनेट ने दिवाला प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) बिल 2025’ में संशोधनों को मंजूरी दी है, जो सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पर आधारित है। साथ ही, कॉरपोरेट जगत के कामकाज को सरल बनाने के लिए ‘कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक’ को भी हरी झंडी दी गई है। कुल मिलाकर, यह कैबिनेट बैठक भविष्य की औद्योगिक जरूरतों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक जवाबदेही को एक साथ साधने वाली एक मील का पत्थर साबित होगी।

