नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। शुक्रवार को फूड रेगुलेटर ने घोषणा की कि अब खाद्य व्यवसायों के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और लाइसेंस की वैधता आजीवन (Lifetime) होगी। इस बड़े फैसले के बाद अब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य कारोबारियों को हर एक से पांच साल में लाइसेंस रिन्यू कराने की झंझट और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिल जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन व्यापक सुधारों को अपनी मंजूरी दे दी है, जो 10 मार्च 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। यह निर्णय नीति आयोग की उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
रजिस्ट्रेशन सीमा में भारी बढ़ोतरी: 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर पर राहत
छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए FSSAI ने लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन की टर्नओवर सीमा में भी बड़ा फेरबदल किया है। 1 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा को वर्तमान 12 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य और केंद्र के बीच अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा करते हुए तय किया गया है कि 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों को स्टेट लाइसेंस और उससे अधिक टर्नओवर वालों को सेंट्रल लाइसेंस लेना होगा।
10 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी सौगात
नए नियमों के तहत नगर निगमों या टाउन वेंडिंग कमेटियों के पास पहले से पंजीकृत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को अब अलग से FSSAI रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। उन्हें ‘डीम्ड रजिस्टर्ड’ माना जाएगा। इस फैसले से देश के लगभग 10 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को दोहरे अनुपालन और दफ्तरों के चक्कर काटने से आजादी मिलेगी।
जोखिम आधारित होगा निरीक्षण
भ्रष्टाचार और बेवजह की जांच को रोकने के लिए अब ‘डायनेमिक रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन फ्रेमवर्क’ लागू किया गया है। अब खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण केवल उनकी प्रकृति, पुराने रिकॉर्ड और थर्ड-पार्टी ऑडिट के आधार पर ही किया जाएगा। इससे ईमानदार कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा और नियामक संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
कारोबारियों पर क्या होगा असर?
- बार-बार रिन्यूअल न होने से सूक्ष्म और लघु उद्योगों की कंप्लायंस कॉस्ट (अनुपालन लागत) में बड़ी गिरावट आएगी।
- तकनीक आधारित निरीक्षण और ऑनलाइन प्रक्रियाओं से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- लाइसेंसिंग अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की जरूरत खत्म होने से कारोबारी अपने बिजनेस और स्वच्छता पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

