छत्तीसगढ़: एक साल में जेलों में 66 बंदियों की मौत, 48 मामलों में जांच अब भी जारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को मिल रही निरंतर सफलता और नक्सलियों की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार ने विधानसभा में विस्तृत आंकड़े पेश किए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पिछले छह वर्षों (1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026) का पूरा लेखा-जोखा साझा किया।
सरेंडर और गिरफ्तारी के बड़े आंकड़े
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस छह वर्षीय अवधि में कुल 4,340 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए आत्मसमर्पण किया है। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के माध्यम से 3,644 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता पाई। वहीं, पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ हुई विभिन्न मुठभेड़ों में अब तक 666 नक्सली मारे गए हैं।
छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावर लगाने के लिए अब पंचायतों और निकायों की NOC की जरूरत खत्म
मुठभेड़ में बरामद हथियारों का विवरण
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के पास से कुल 671 हथियार बरामद किए हैं। इनमें नक्सलियों के पास मौजूद भारी और आधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा शामिल है। बलों ने 115 भरमार बंदूकें, 100 ’12 बोर’ बंदूकें और 84 बीजीएल (BGL) लॉन्चर जब्त किए हैं। आधुनिक हथियारों की श्रेणी में 39 एके-47, 50 एसएलआर और 38 इंसास राइफलें बरामद की गई हैं।
होली 2026: 3 या 4 मार्च? जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और चंद्रग्रहण का सूतक काल
इसके अतिरिक्त, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कब्जे से एक्स-95 (X-95) जैसी अत्यंत आधुनिक राइफल और इंसास एलएमजी (LMG) भी जब्त की है।
गिरफ्तारी के दौरान हुई बरामदगी
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों के पास से भी सुरक्षा बलों ने कुल 80 हथियार बरामद किए हैं। इनमें 41 भरमार बंदूकें, 10 ’12 बोर’ की बंदूकें और 9 ‘315 बोर’ की राइफलें शामिल हैं। इसके साथ ही 2 एके-47 राइफलें, 2 ‘8 एमएम’ की पिस्टल और 5 बीजीएल लॉन्चर भी नक्सलियों के कब्जे से छीन लिए गए हैं।
एक ही प्रदेश में दो मौसम: सरगुजा की वादियों में 9 डिग्री, रायपुर की सड़कों पर 34 डिग्री की तपिश”
आत्मसमर्पण के साथ जमा किए गए हथियार
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने मुख्यधारा में शामिल होते समय कुल 238 हथियार पुलिस को सौंपे हैं। सरेंडर के दौरान बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार जमा किए गए, जिनमें 44 ‘.303 राइफल’, 37 इंसास राइफल, 31 एसएलआर और 29 एके-47 शामिल हैं। नक्सलियों ने स्थानीय स्तर पर निर्मित 33 सिंगल शॉट बंदूक (कट्टा), 20 भरमार बंदूक और 5 सुरका बंदूक (देसी लॉन्चर) भी समर्पित किए हैं।
विधानसभा में पेश किए गए इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि आत्मसमर्पण करने वाले और सक्रिय नक्सलियों के पास न केवल देसी और स्थानीय स्तर पर बने हथियार थे, बल्कि वे सेना और पुलिस ग्रेड की अत्याधुनिक राइफलों से भी लैस थे। हालांकि, सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता और सरकार की नीतियों के कारण इन हथियारों और नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है।
प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू……..

