नेचर का ‘एक्सट्रीम मेकओवर’ : जवान हुई धरती, अपनी सुंदरता के नशे में झूम रहे पेड़! और अपडेट कर लिया अपना ‘सॉफ्टवेयर’!….
अंग्रेजी कैलेंडर में जनवरी से नए साल की शुरुआत होती है, लेकिन हिंदू धर्म में नववर्ष का आरंभ मार्च-अप्रैल के बीच आने वाले चैत्र मास से होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र वर्ष का प्रथम महीना है और इसी के साथ रौद्र संवत्सर का शुभारंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, इसलिए यह तिथि अत्यंत शुभ और पवित्र मानी जाती है। यह महीना प्रकृति में नव चेतना, नई ऊर्जा और शीत ऋतु के बाद ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
प्रकृति का महापर्व सरहुल: जब मांदर की थाप पर झूम उठती है धरती और महक उठता है सखुआ-साल
चैत्र मास 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार
इस माह में अनेक महत्वपूर्ण पर्व और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिनका आध्यात्मिक महत्व है:
-
4 मार्च 2026: चैत्र माह आरंभ
-
6 मार्च 2026: संकष्टी चतुर्थी
-
8 मार्च 2026: रंग पंचमी
-
11 मार्च 2026: शीतला अष्टमी
-
15 मार्च 2026: पापमोचिनी एकादशी व्रत
-
16 मार्च 2026: प्रदोष व्रत
-
17 मार्च 2026: मासिक शिवरात्रि
-
18 मार्च 2026: चैत्र अमावस्या
-
19 मार्च 2026: चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, गुड़ी पाड़वा, उगादी, हिंदू नववर्ष आरंभ
-
21 मार्च 2026: गणगौर पूजा
-
24 मार्च 2026: चैती छठ, यमुना छठ
-
26 मार्च 2026: राम नवमी
-
27 मार्च 2026: चैत्र नवरात्रि व्रत पारण
-
29 मार्च 2026: कामदा एकादशी
-
31 मार्च 2026: महावीर जयंती
-
2 अप्रैल 2026: हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा
चैत्र मास का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में चैत्र मास को विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि इसी माह से सतयुग का आरंभ हुआ था और भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा की थी। यह समय नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
क्या करें और क्या न करें
शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में जीवनशैली का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
क्या करें:
-
प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करें।
-
सकारात्मक वातावरण के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ या देवी उपासना करें।
-
गर्मी की शुरुआत को देखते हुए पंखा, घड़ा, सूती वस्त्र या चप्पल आदि का दान करना शुभ माना जाता है।
-
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम करें।
-
घर की नियमित सफाई रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहे।
रामनवमी 2026: श्रद्धा, उमंग और आस्था का महापर्व; अयोध्या से लेकर हर घर तक सजेगा राम दरबार
-
गुड़ का सेवन सीमित मात्रा में करें, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
-
मांस, मदिरा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
-
बासी भोजन से बचें और सदैव ताजा भोजन ही ग्रहण करें।
-
घर में शांति बनाए रखें और कटु वचन बोलने से बचें।
नोट: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। सूचना और तथ्यों की सटीकता व संपूर्णता के लिए कोई दावा नहीं किया गया है.
सावधान! 14 मार्च से थम जाएंगी शहनाइयां: सूर्य का मीन राशि में प्रवेश और ‘खरमास’ का साया

