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सूरजपुर। पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने खुद को थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बताकर एक व्यक्ति से 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी।
ग्राम सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे का पुत्र अनिल बंजारे गांधीनगर थाने में NDPS एक्ट के तहत जेल में बंद था। इसी का फायदा उठाते हुए ठगों ने पिता को फोन किया। आरोपियों ने खुद की पहचान थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक के रूप में दी और झांसा दिया कि वे केस से नाम हटवाकर उसके बेटे को जेल से बाहर निकलवा देंगे।
मदद के नाम पर ठगों ने प्रार्थी से 75 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिए। जब ठगी का अहसास हुआ, तो प्रार्थी ने चौकी बसदेई में शिकायत दर्ज कराई।
नेपाल बॉर्डर तक पीछा कर पकड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों और सायबर सेल की मदद से आरोपियों का लोकेशन उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मिला।
पुलिस टीम ने दबिश देकर इमरान (22 वर्ष) और मोहम्मद आलम (29 वर्ष) को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए निम्नलिखित सामान जब्त किए हैं:
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- 02 नग मोबाइल फोन
- 08 नग सिम कार्ड
- 03 बैंक पासबुक
- 01 एटीएम कार्ड और 01 चेकबुक
किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें। शासकीय अधिकारी कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करते हैं।
इस सफल कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल के साथ आरक्षक देवदत्त दुबे, नीलेश जायसवाल, युवराज यादव और अन्य स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।

