UIDAI की बड़ी उपलब्धि: 5 महीने में 1 करोड़ स्कूली बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पूरा

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 10 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में अब 1,82,944 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह संचालित हैं। यह नेटवर्क न केवल शहरों बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कर रहा है। केंद्र सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है, क्योंकि अब प्राथमिक स्तर पर ही निःशुल्क दवाएँ और टेस्ट उपलब्ध होने से स्वास्थ्य पर होने वाला व्यक्तिगत खर्च काफी कम हो गया है।

स्वाद में बेमिसाल, कीमत में कमाल: जशपुर का ‘देसी किंग’, मटन-चिकन के शौकीन भी इसके मुरीद!

अंतिम छोर तक पहुँचा इलाज: एम्बुलेंस और टेलीमेडिसिन का सहारा अल्प सुविधा वाले और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए अब बेहतर इलाज सपना नहीं रहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत एम्बुलेंस सेवाओं, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और ‘ई-संजीवनी’ टेलीमेडिसिन के जरिए डॉक्टर अब सीधे मरीजों के करीब पहुँच रहे हैं। जहाँ मैदानी इलाकों में 5000 की आबादी पर स्वास्थ्य केंद्र का मानक है, वहीं पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में इसे केवल 3000 की आबादी पर रखा गया है, ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी इलाज समय पर मिल सके।

वर्टिकल स्प्रिंग’, एक जिला, दो दुनिया :कहीं आम,महुआ और सरई की गंध, तो कहीं कोहरे का पहरा ! जानिए क्यों थम जाती है वसंत की रफ्तार………

मुफ्त जांच का दायरा: उप-केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सरकार ने ‘निःशुल्क निदान सेवा पहल’ के तहत जांचों का दायरा भी काफी बढ़ा दिया है। अब आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर 14 से लेकर 63 प्रकार के टेस्ट मुफ्त होते हैं, जबकि जिला अस्पतालों में यह संख्या 134 टेस्ट तक पहुँच गई है। इसमें पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जैसी महँगी सेवाएँ भी शामिल हैं। इसके अलावा, डायलिसिस कार्यक्रम और सार्वभौमिक टीकाकरण जैसे अभियानों ने बीमारियों से लड़ने की देश की क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है।

इको-सिस्टम की सुरक्षा के लिए ‘कवच’ तैयार: 2026 तक शून्य प्रदूषण का लक्ष्य, कड़े कानूनों से बदलेगी देश की आबोहवा

नतीजों में दिखी सुधार की झलक: मातृत्व और शिशु मृत्यु दर में भारी गिरावट पिछले एक दशक में किए गए इन प्रयासों का असर राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंकड़ों में साफ नजर आता है। भारत ने मातृ मृत्यु दर (MMR) में ऐतिहासिक कमी दर्ज की है, जो 2014-16 में 130 थी और अब घटकर 88 रह गई है। भारत की यह प्रगति वैश्विक औसत से कहीं बेहतर है। इसी तरह, शिशु मृत्यु दर भी 39 से घटकर 25 पर आ गई है। ये आँकड़े गवाही देते हैं कि भारत की स्वास्थ्य सेवाएँ अब पहले से कहीं अधिक समावेशी और प्रभावी हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय कीर्तिमान: 10 माह में बनाए रिकॉर्ड 5 लाख पीएम आवास, देश में बना नंबर वन राज्य

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version