रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 13 मार्च 2026 को सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। कार्यसूची के अनुसार, सदन की शुरुआत अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा की पूर्व सदस्य श्रीमती मंगलीबाई रावटे के निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ होगी। इसके पश्चात प्रश्नोत्तर काल में विभिन्न विभागों से संबंधित तीखे सवाल पूछे जाएंगे, जिसके बाद वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर अधिनियम से जुड़ी अधिसूचना पटल पर रखेंगे।
सदन में कानून-व्यवस्था और जनहित की योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। नियम 138 के अधीन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से वरिष्ठ सदस्य अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक और धर्मजीत सिंह प्रदेश में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर गृह मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी, बदहाल चिकित्सा व्यवस्था और गौठान योजना में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी लोक स्वास्थ्य एवं पशुधन विकास मंत्री से जवाब मांगा जाएगा।
औद्योगिक सुरक्षा और शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर भी आज सदन में गंभीर चर्चा होने के आसार हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के रियल इस्पात एण्ड पॉवर लिमिटेड में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण मजदूरों की मौत का मामला श्रम मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। वहीं, डॉ. चरणदास महंत और अन्य सदस्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशों की अवहेलना किए जाने की ओर मंत्री का ध्यान खींचेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-2027 की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए आज का दिन बेहद अहम है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के विभागों, जिनमें भू-राजस्व, आपदा प्रबंधन और उच्च शिक्षा शामिल है, की बजट मांगों पर विस्तृत बहस होगी। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री गुरु खुशवंत साहेब अपने-अपने विभागों की अनुदान मांगों पर सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे और बजट पारित करने का अनुरोध करेंगे।
सदन के उत्तरार्ध में कुछ महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी चर्चा के लिए लाए जाएंगे। विधायक रिकेश सेन भिलाई नगर स्थित सेक्टर-09 अस्पताल को फिर से सर्वसुविधायुक्त मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में पुन:स्थापित करने का प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा, आदिवासी क्षेत्रों में बालिकाओं के आश्रम-छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण और विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों के माध्यम से विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरने जैसे गंभीर विषयों पर भी संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे।




