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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले एक से दो दिनों में ठंड एक बार फिर अपने पूरे तेवर दिखाने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि 14 दिसंबर के बाद शीतलहर की स्थिति में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है, लेकिन फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।
राजधानी रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम है। सुबह 8:30 बजे आद्र्रता 85 प्रतिशत और शाम 5:30 बजे 51 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर में हवा की रफ्तार औसतन 2 किलोमीटर प्रति घंटा रही और बारिश नहीं हुई।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में ठंड का असर और भी ज्यादा देखने को मिला। दुर्ग में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं सरगुजा संभाग का अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा माना एयरपोर्ट पर न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री, बिलासपुर में 11.8 डिग्री, पेंड्रारोड में 7.8 डिग्री और जगदलपुर में 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और कबीरधाम जैसे जिलों में भी सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
आज का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। आगामी 24 घंटों में भी मौसम शुष्क रहने की संभावना है। साथ ही कुछ जिलों के एक-दो स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है।
रायपुर का स्थानीय पूर्वानुमान
14 दिसंबर को रायपुर में आसमान आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले एक से दो दिनों में एक बार फिर शीतलहर के साथ कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। ठंड बढ़ने से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग ठंड की चपेट में आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंड से बचाव करने और सावधानी बरतने की अपील की है।

