विशेष रिपोर्ट: CGNOW
रायपुर से सीधे रिपोर्टिंग में, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2024–25 में विकास और नवाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य के जल संरक्षण कार्यक्रम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। महासमुंद जिले ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं बालोद जिले को जल संरक्षण में योगदान के लिए दो करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला। रायपुर नगर निगम और अन्य जिलों ने भी जल संचय में अपनी उत्कृष्टता दिखाई, जिससे राज्य पूरे देश में एक मॉडल के रूप में उभरा है।
राज्य के सामाजिक और आदिवासी विकास प्रयासों ने भी राष्ट्रीय मान्यता पाई है। ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया और सहायक आयुक्त डॉ. ललित शुक्ला को बेस्ट मास्टर ट्रेनर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों ने आदिवासी सशक्तिकरण और सामाजिक समावेश के क्षेत्र में राज्य का नाम और मजबूती से स्थापित किया है।
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स्वास्थ्य और कुपोषण के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में राज्य को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत 4,102 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, और मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिला कुपोषण प्रबंधन में देश में तीसरे स्थान पर रहा।
कृषि और बायोफ्यूल क्षेत्र में राज्य ने अपनी योग्यता साबित की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े राज्यों में द्वितीय श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘Outstanding Community Based Green Energy Project’ पुरस्कार हासिल किया। खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नीलामी प्रक्रिया में राज्य को देश में दूसरा स्थान मिला, जो राज्य की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का संकेत है।
स्वच्छता और नगरीय विकास में राज्य की उपलब्धियां भी गौरवपूर्ण रही हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023–24 में छत्तीसगढ़ को देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया। बिल्हा शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा गया, और रायपुर, महासमुंद, कुम्हारी, आरंग और पाटन जिलों ने भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए।
पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी छत्तीसगढ़ ने नई ऊँचाइयां हासिल की हैं। चित्रकोट और ढूढमारस को पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिले, कोंडागांव की हेमबती नाग को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया, और कांकेर की मासुलपानी पंचायत को जल संरक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला।
छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2024–25 में यह साबित कर दिया कि सतत विकास, स्थानीय भागीदारी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
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