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छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर तेज़ी से बढ़ा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के मैदानी और उत्तरी इलाकों में ठिठुरन महसूस की जा रही है। उत्तर-पश्चिम से आ रही सर्द हवाओं ने सरगुजा संभाग को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है। पर्यटन स्थल मैनपाट में तापमान गिरकर 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ और रायपुर के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की गई है। सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बलरामपुर जिलों में कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने की आशंका है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं, कुछ इलाकों में फसलों पर पाले का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे किसान चिंतित हैं। पशुपालकों को भी मवेशियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
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अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा-मरवाही, जशपुर और कोरिया जिलों में भी रात और सुबह के समय ठंड काफी बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा, हालांकि बाद में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है।
उधर, झारखंड में भी ठंड का कहर जारी है। रविवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लोहरदगा में पारा गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी पूर्वी भारत के कई हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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