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छत्तीसगढ़ गठन के रजत जयंती महोत्सव को यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग ने प्रदेशवासियों के लिए यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु 500 करोड़ रुपये की लागत से 28 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय न केवल शहरी क्षेत्रों बल्कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
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इस बड़ी स्वीकृति के तहत सरगुजा संभाग में विकास की विशेष झलक देखने को मिलेगी, जहाँ अंबिकापुर के गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क को 61.34 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। साथ ही, मुंगेली जिले के सल्फा-मोतिपुर मार्ग के लिए 45.25 करोड़ और बिलासपुर के कोनी-मोपका बायपास को फोरलेन बनाने के लिए 20.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मैदानी इलाकों की बात करें तो बेमेतरा और रायपुर जिले के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों के लिए भी भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है, जिससे राजधानी के आसपास का यातायात दबाव कम होगा।
बस्तर और उत्तर छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कांकेर जिले में महानदी पर नए सेतु निर्माण और अंतागढ़-बेड़मा मार्ग की मजबूती के लिए करोड़ों की राशि खर्च की जाएगी। वहीं, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में सड़कों के उन्नयन और पुल-पुलिया निर्माण से अंतर्राज्यीय संपर्क और सुदृढ़ होगा। दुर्ग जिले के सेलुद-जामगांव मार्ग का डामरीकरण और सक्ती जिले में सड़क नवीनीकरण के कार्यों को भी इस मेगा बजट में प्राथमिकता दी गई है।
कुल मिलाकर, सरकार की इस पहल से पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का एक आधुनिक जाल बिछेगा। इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से न केवल आम जनता का सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। रजत जयंती के अवसर पर दी गई यह सौगात राज्य के चहुंमुखी विकास और आर्थिक उन्नति में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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