कवर्धा (छत्तीसगढ़):
जिला कवर्धा के शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने (डिलीट) का गंभीर आरोप सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय मुस्लिम समाज के मतदाताओं ने जिला कलेक्टर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एस.आई.आर.) को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कवर्धा शहर के आदर्श नगर, दर्रीपारा, नवाब मोहल्ला, एकता चौक, देवांगन मोहल्ला, तकिया पारा, बीच पारा, लोहारा नाका चौक, राजाबाड़ी मोहल्ला, घोघिया रोड सहित कई वार्डों में मुस्लिम समुदाय के लोग 50 से 100 वर्षों से अधिक समय से स्थायी रूप से निवासरत हैं। कई मतदाता सरकारी विभागों—जैसे राजस्व, शिक्षा, पुलिस, वन, विधि विभाग—में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, वहीं कई लोग अधिवक्ता, डॉक्टर, इंजीनियर एवं अन्य पेशों से जुड़े हुए हैं।

आवेदन के अनुसार, इन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 से मतदाता सूची में दर्ज हैं और वर्तमान एस.आई.आर. 2025–26 की प्रक्रिया में भी बीएलओ के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम सत्यापित कराया गया है। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी शिकायतें कर, मुस्लिम मतदाताओं को अनुपस्थित दिखाते हुए फॉर्म-7 के माध्यम से नाम कटवाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एक ही व्यक्ति द्वारा 50 से 70 लोगों के नामों के संबंध में गलत एवं भ्रामक जानकारी देकर निर्वाचन आयोग और तहसील स्तर पर दबाव बनाया गया, जिससे वार्ड स्तर पर नाम काटे जाने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
मुस्लिम समाज ने प्रशासन से मांग की है कि बीएलओ के माध्यम से पंचनामा तैयार कर वार्ड एवं पड़ोसी गवाहों के आधार पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाए, ताकि वास्तविक और स्थायी निवासियों के नाम सुरक्षित रह सकें। साथ ही, फॉर्म-7 के दुरुपयोग और फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ज्ञापन के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है। मामले ने शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

