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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। गिरते तापमान, सर्द पछुआ हवाओं और घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित है। इसी को देखते हुए झारखंड और उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
झारखंड सरकार ने शीतलहर और बढ़ती ठंड के प्रभाव को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में 6 से 8 जनवरी तक प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं बंद रखने का आदेश जारी किया है। अपर सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश केवल छात्रों के लिए रहेगा। इस दौरान शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी स्कूल आते रहेंगे। वहीं यदि इस अवधि में प्री-बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो उनके आयोजन को लेकर संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने विवेक से निर्णय ले सकेंगे।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में लोहरदगा राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गुमला में 4.1 डिग्री और लातेहार में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पलामू जैसे जिलों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार क्षोभमंडल के निचले स्तरों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से पारे में और गिरावट दर्ज की गई है।
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उधर उत्तर प्रदेश में भी ठंड का सितम जारी है। लखनऊ के जिलाधिकारी ने प्रचंड सर्दी को देखते हुए 8 जनवरी तक प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि प्रदेश के बेसिक स्कूल पहले से ही 14 जनवरी तक बंद हैं। वहीं माध्यमिक स्कूलों में छुट्टी नहीं बढ़ाई गई है। पूर्व आदेश के अनुसार ये स्कूल 6 जनवरी से सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे।
प्रदेश में सर्द पछुआ हवाओं के कारण गलन बढ़ गई है। करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर सहित कई जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इटावा में सोमवार को प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बहराइच में यह 3 डिग्री सेल्सियस रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार मंगलवार से हवाओं की सक्रियता बढ़ने के कारण कोहरे में कुछ हद तक कमी आ सकती है। हालांकि तराई और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम गलन का असर अगले चार से पांच दिनों तक बना रह सकता है।
ठंड और कोहरे के साथ-साथ कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। आगरा में कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने, मास्क पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

